Share Market Crash: शेयर बाजार में इन 5 कारणों से हाहाकार, सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 4 मार्च को लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1700 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 24,400 के भी नीचे चला गया। इस भारी गिरावट ने निवेशकों के होली के रंग में भंग डाल दिया है। महज कुछ मिनटों में ही निवेशकों की करीब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति साफ हो गई

अपडेटेड Mar 04, 2026 पर 4:26 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Share Market Crash: मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में भी 2% से अधिक की गिरावट देखने को मिली

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 4 मार्च को लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1700 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी 530 अंकों का गोता लगाकर 24,400 के भी नीचे चला गया। इस भारी गिरावट ने निवेशकों के होली के रंग में भंग डाल दिया है। महज कुछ मिनटों में ही निवेशकों की करीब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति साफ हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 456.90 लाख करोड़ से घटकर 446.45 लाख करोड़ पर आ गया।

ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध, क्रूड के दाम में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर कर दिया है। आईटी को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में भी 2% से अधिक की गिरावट देखने को मिली।

कारोबार के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 1,122.66 अंक या 1.40% की गिरावट के साथ 79,116.19 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 385.20 अंक या 1.55% टूटकर 24,480.50 के स्तर पर बंद हुआ।


शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़ी वजहें रही-

1. मिडिल ईस्ट में भड़कता संघर्ष

पिछले तीन दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ा है, जिसका असर शेयर बाजारों पर साफ दिख रहा है। शनिवार को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की। इन हमलों के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।

इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका और इजराइल के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। भारत की करीब 40 प्रतिशत एनर्जी सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से आती है, जिससे भारत के लिए चिंता बढ़ गई है। निवेशक अब यह आकलन करने में जुटे हैं कि मिडिल ईस्ट का युद्ध कहां जाकर रुकेगा और इससे किन कंपनियों और उनके स्टॉक्स पर असर पड़ सकता है।

2. कमजोर ग्लोबल संकेत

दुनिया भर के शेयर बाजारों में कमजोरी का असर आज भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला। निवेशक अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के आर्थिक असर को लेकर चिंतित हैं। एशियाई बाजारों में आज लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। जापान का टॉपिक्स सूचकांक 4 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 2 प्रतिशत से अधिक टूट गया।

साउथ कोरिया का शेयर बाजार भी 11 प्रतिशत क्रैश कर गया। अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछली रात भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 403 अंक गिरा, S&P 500 में 0.9 प्रतिशत की कमी आई और नैस्डैक 1 प्रतिशत फिसल गया।

3. कच्चे तेल का झटका

तेल की कीमतें इस समय शेयर बाजार की सबसे बड़ी चिंता बन गई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 81-82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। इसकी वजह है होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ऑयल की सप्लाई में रुकावट का डर। यह दुनिया में तेल सप्लाई का एक अहम समुद्री मार्ग है। विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए बड़ा आर्थिक जोखिम बन सकती हैं, क्योंकि भारत अपनी करीब 85 प्रतिशत तेल जरूरतों को विदेशों से आयात करता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता इसका आर्थिक असर होगा। उनके मुताबिक, जंग बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल महंगा रहने से भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और कंपनियों की कमाई भी प्रभावित हो सकती है। साथ ही, महंगाई बढ़ने से आर्थिक ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है।

4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सोमवार 2 मार्च के कारोबार में विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। पिछले 8 महीनों से विदेशी निवेशक लगातार शुद्ध बिकवाल बने हुए है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।

5. इंडिया VIX में तेज उछाल

शेयर बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स, इंडिया VIX आज करीब 14 प्रतिशत उछलकर 19.51 पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ट्रेडर्स भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तेल कीमतों को लेकर सतर्क हो गए हैं, जिससे बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ी है।

यह भी पढ़ें- Rupee new record low: रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच 92 रुपये प्रति डॉलर के पार

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।