Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों से रौनक के बीच घरेलू मार्केट में भी आज हाहाकार मच गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 995 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी गिरकर 22550 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 फ्लैट ग्रीन है लेकिन निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की गिरावट है। इस मिले-जुले माहौल में शुरुआती कारोबार में ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक घट गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ से अधिक घट गई।
अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:24 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 956.05 प्वाइंट्स यानी 1.30% की गिरावट के साथ 72642.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 243.65 प्वाइंट्स यानी 1.07% की फिसलन के साथ 22506.10 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 995.10 प्वाइंट्स टूटकर 72,603.57 और निफ्टी 252.05 प्वाइंट्स गिरकर 22,497.70 तक आ गया।
Share Market Crash: ये है वजह
सऊदी अरब की एक अहम रिफाइनरी पर हूती के हमले ने कच्चे तेल में उबाल ला दिया, जिसकी आंच में मार्केट झुलस गया। सप्लाई से जुड़ी चिंताओं पर ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $115 के पार पहुंच गया।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 5.50% की तेजी के साथ 17.31 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
आईटी कंपनियों ने बनाया दबाव
चिप स्टॉक्स में तेजी ने आईटी सर्विसेज कंपनियों पर ऐसा दबाव डाला कि निफ्टी आईटी 3% से अधिक टूट गया। दक्षिण कोरिया का अहम चिप-हैवी इंडेक्स कोस्पी 6% से अधिक कमजोर हुआ है। एफएमसीजी स्टॉक्स ने इस दबाव को और बढ़ाया है और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर हुआ है। फिलहाल सिर्फ ऑटो सेक्टर में रौनक है लेकिन वह भी हल्की और निफ्टी ऑटो लगभग फ्लैट है।
US Fed के नीतिगत फैसले से पहले सतर्कता
अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीतियों का आज भारतीय समय के हिसाब से देर रात ऐलान होना है और इस ऐलान से पहले मार्केट में सतर्कता दिख रही है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।