Share Market Today: भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार 25 फरवरी को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में दिखी तेजी, दोपहर तक टिक नहीं पाई। भारी मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से करीब 700 अंक फिसल गया। वहीं निफ्टी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम माने जा रहे 25,600 के स्तर के नीचे आ गया। सबसे अधिक गिरावट PSU बैंक और FMCG शेयरों में देखने को मिली।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 50.15 अक या 0.06 प्रतिशत बढ़कर 82,276.07 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 57.85 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 25,482.50 पर था। इससे पहले कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 82,957 का इंट्राडे हाई छुआ था और निफ्टी 25,652 तक पहुंचा था।
हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती बनी रही। सभी निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग 0.6% ऊपर रहे। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स इंडेक्स करीब 0.8% ऊपर था।
शेयर बाजार में आज के इस तेज उठापटक के पीछे 3 बड़ी वजहें रहीं-
सुबह के कारोबार में करीब 0.9% की तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। Bank Nifty दिन के उच्च स्तर से 0.7% गिर गया। निफ्टी IT इंडेक्स भी 2% की इंट्राडे बढ़त से फिसलकर करीब 1% नीचे आ गया।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, “ग्लोबल अनिश्चितता और बढ़ती अस्थिरता के बीच ट्रेडर्स को अनुशासित और चुनिंदा रुख अपनाना चाहिए। सुधार के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना जरूरी है। नए लॉन्ग पोजिशन केवल तब खोले जाने चाहिए जब निफ्टी 25,800 के ऊपर स्पष्ट और लगातार ब्रेकआउट करे। ऐसा होने पर बाजार में सुधार और मजबूत तेजी की संभावना साबित होती है।”
2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 24 फरवरी को फिर से बिकवाली शुरू कर दी। FIIs ने मंगलवार को 102 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,161 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। लेकिन FII की निकासी से बाजार में दबाव बढ़ा।
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि निफ्टी का 25,670 के ऊपर टिककर न रह पाना भी कमजोरी का संकेत है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने बताया, 25,670 के ऊपर स्थिर कारोबार मजबूती का संकेत देगा और तब 25,900 का टारगेट दिख सकता है। लेकिन अगर निफ्टी 25,530 के ऊपर टिकने में असफल रहता है तो ऊपर की रफ्तार कमजोर पड़ सकती है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड, श्रीकांत चौहान ने कहा, “हमारा मानना है कि इंट्राडे में बाजार की स्थिति कमजोर दिख रही है, लेकिन नई बड़ी गिरावट तभी आएगी जब बाजार 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) यानी 25,300 या सेंसेक्स के 82,000 के स्तर से नीचे चला जाए।
अगर बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहता है, तो इसमें 25,500-25,650 (सेंसेक्स 82,500-82,800) तक उछाल आ सकता है। लेकिन अगर यह 25,300/82,000 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट बढ़कर 25,150-25,050 (सेंसेक्स 81,400-81,200) तक जा सकती है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा है, इसलिए डे-ट्रेडर्स के लिए स्तर के आधार पर ट्रेडिंग करना बेहतर रणनीति होगी।”
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