इंडियन स्टॉक मार्केट में 8 सितंबर को जबर्दस्त तेजी आई। क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट का मार्केट के सेंटिमेंट पर अच्छा असर पड़ा। सबसे ज्यादा तेजी टेक्नोलॉजी और बैंक शेयरों में दिख रही है।सेंसेक्स आज 659 अंक यानि 1.12% तेजी के साथ 59,688.22 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 174.35 अंक यानि 0.99% बढ़कर 17,798.75 पर बंद हुआ।
निफ्टी के शेयरों में सबसे अधिक तेजी Shree Cements के शेयरों में दिखी। यह शेयर करीब 4.84% ऊपर बंद हुआ। M&M, ICICI Bank, Bharti Airtel, BPCL, Asian Paints और Tech Mahindra के शेयरों में भी अच्छी तेजी दिख रही है। गिरने वाले शेयरों में एसबीआई लाइफ, Coal India और Hindalco के शेयर शामिल रहे।
मेहता इक्विटीज के सीनियर वीपी (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने कहा, "क्रूड के आयात पर इंडिया की बहुत ज्यादा निर्भरता है। इसलिए क्रूड में आई गिरावट राहत की खबर है। सस्ते कीमतों पर खरीदारी में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। निफ्टी ऊपर में बड़े टेक्निकल ब्रेक-आउट की तरफ बढ़ रहा है।"
इन वजहों से बाजार में आई तेजी
फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से पहली बार वैश्विक बाजार में क्रूड की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। इससे इंडिया के आयात खर्च में कमी आएगी। कई कंपनियों के मैटेरियल कॉस्ट में भी कमी देखने को मिलेगी। इसकी वजह यह है कि कई चीजों के उत्पादन में क्रूड ऑयल का इस्तेमाल बतौर रॉ मैटेरियल होता है। ऑयल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी हुई हैं।
एशियाई शेयर बाजारों में अच्छी तेजी का असर घरेलू बाजार पर पड़ा। बुधवार को ग्लोबल मार्केट में तेजी की वजह से गुरुवार सुबह एशियाई बाजार मजबूत खुले। जापान के निक्केई में शुरुआती कारोबार में 1.96 फीसदी तेजी देखने को मिली। एशिया-पैसेफिक का एमएससीआई इंडेक्स 0.33 फीसदी मजबूती दिखा रहा था। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सूचकांक 0.72 फीसदी उछाल दिखा रहा था।
कोटक सिक्योरिटीज में रिसर्च-डेरिवेटिव हेड सहज अग्रवाल ने कहा कि निफ्टी में मीडियम टर्म में पॉजिटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड हो रहा है। उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट पर मार्केट में खरीदारी दिख रही है। उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए 17,000 पर सपोर्ट दिख रहा है, जबकि 18,000-18,100 इसके लिए रेसिस्टेंस का लेवल है।
विदेशी फंड इंडियन मार्केट में खरीदारी कर रहे हैं। 7 सितंबर को विदेशी फंडों ने इंडियन स्टॉक मार्केट में शुद्ध रूप से 758.37 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। उधर, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से 138.67 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।