Shiprocket Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट; घाटा घटकर ₹14 करोड़ हुआ, रेवेन्यू 34% बढ़ा

Shiprocket Q1 Results: IPO के बाद कंपनी ने पहली बार तिमाही नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 33.8% बढ़ा। इमर्जिंग बिजनेस की ग्रोथ 70% रही। जानिए नतीजों में और क्या खास रहा।

अपडेटेड Sep 07, 2026 पर 8:33 PM
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सोमवार को Shiprocket का शेयर 1% से ज्यादा गिरकर 134.50 रुपये पर बंद हुआ।

Shiprocket Q1 Results: शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद Shiprocket ने पहली बार तिमाही नतीजे जारी किए हैं। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹18 करोड़ था। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 33.8% बढ़कर ₹592.1 करोड़ पहुंच गया। Q1FY26 में यह ₹442.5 करोड़ था।

कंपनी का EBITDA लॉस भी ₹26 करोड़ से घटकर ₹21 करोड़ रह गया। एडजस्टेड EBITDA ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ हो गया। कंपनी ने कहा कि पूरी तिमाही में एडजस्टेड EBITDA पॉजिटिव रहा।

कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़ा


Shiprocket के कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹411.7 करोड़ रहा। इसका एडजस्टेड EBITDA ₹52.7 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 12.8% रहा, जो एक साल पहले 12.3% था।

कंपनी के MD और CEO साहिल गोयल ने कहा कि तिमाही के नतीजे कंपनी की रणनीति के मुताबिक रहे। कंपनी तेजी से बढ़ रहे नए कारोबार में निवेश जारी रखेगी।

इमर्जिंग बिजनेस की ग्रोथ 70%

इमर्जिंग बिजनेस का रेवेन्यू 70% बढ़कर ₹180.4 करोड़ हो गया। इसमें चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, क्रॉस-बॉर्डर और ओम्नीचैनल सॉल्यूशंस शामिल हैं।

अब यह कारोबार कंपनी के कुल रेवेन्यू में 30% योगदान देता है। एक साल पहले यह 24% था। इसका Contribution Margin 9.3% से बढ़कर 15.3% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन का घाटा 38% से घटकर 24% रह गया।

चेकआउट और मार्केटिंग सॉल्यूशंस में करीब 193% की सालाना ग्रोथ हुई। कंपनी ने कहा कि Ads जैसे कारोबार अब तेजी से बढ़ रहे हैं। कुल कंट्रीब्यूशन मार्जिन 43% बढ़कर ₹115.1 करोड़ हो गया और मार्जिन 19.4% रहा।

AI प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया

जून तिमाही के अंत में Shiprocket के एक्टिव मर्चेंट्स 2,24,314 थे। पिछले 12 महीनों का GMV ₹34,661.8 करोड़ रहा। यूनिक ट्रांजैक्शन 21.6 करोड़ रहे।

कंपनी ने RADAR का अपग्रेडेड AI बेस्ड वर्जन लॉन्च किया। यह ऑर्डर भेजे जाने से पहले पिनकोड स्तर पर SLA टूटने और Return-to-Origin के जोखिम पहचान सकता है।

इसके अलावा AI Ads, AI Assist और ऑर्डर कन्फर्मेशन के लिए AI Calling शुरू की गई। क्विक-कॉमर्स डार्क स्टोर्स के लिए अपॉइंटमेंट आधारित कार्गो डिलीवरी भी शुरू हुई। इसमें Blinkit और Zepto के साथ इंटीग्रेशन है।

IPO के बाद पहला नतीजा

Shiprocket के शेयर 19 अगस्त को NSE पर ₹131 पर लिस्ट हुए थे। यह ₹97 के इश्यू प्राइस से 35.05% ऊपर था। BSE पर शेयर ₹129.50 पर लिस्ट हुआ।

नतीजों से पहले सोमवार को Shiprocket का शेयर 1% से ज्यादा गिरकर 134.50 रुपये पर बंद हुआ। यह अपने 131 रुपये के लिस्टिंग प्राइस से करीब 3% ऊपर है।

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