तीसरी तिमाही के नतीजे अब तक स्क्रिप्ट के अनुसार ही रहे हैं। कुछ भी शानदार नहीं है तो कोई बुरा आश्चर्य भी नहीं। अन्य बैंक बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में कामयाब रहे हैं लेकिन एचडीएफसी बैंक इस लिहाज से अलग स्थिति में है। चीन की अर्थव्यवस्था में अब तक रिकवरी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। कुछ वैश्विक बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से हालात और खराब हो सकते हैं। चाइना मार्केट रिसर्च ग्रुप के संस्थापक शॉन रीन के अनुसार, चीन डिफ्लेशन का सामना कर सकता है। विदेशी निवेश के नजरिये से देखें तो भारत के लिए कम प्रतिस्पर्धा है। इसके साथ ही, वैश्विक शेयर बाजारों का मूड भी उत्साहित बना हुआ है। बुल्स का यह सोचना उचित हो सकता है कि रैली में अभी भी काफी दम बाकी है।
400 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने से स्टॉक में तेजी आई
तेजड़ियों का नजरिया : रेलवे शेयरों के लिए सेंटीमेंट मजबूत बने हुए हैं। बजट में रेलवे के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद है।
मंदड़ियों का नजरिया : पिछले बारह महीनों में टॉपलाइन और बॉटमलाइन में गिरावट आई है। पिछली चार तिमाहियों में इसमें FII की हिस्सेदारी सबसे कम है। जेफरीज का मानना है कि इस बजट में कैपेक्स की ग्रोथ धीमी हो सकती है। इससे जुड़े हुए कई संबंधित स्टॉक कमजोर कारोबार कर सकते हैं।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क के साथ 10 अरब डॉलर के मेगा-मर्जर की डील रद्द होने के बाद स्ट्रीट में मंदी का ट्रेंड आ गया है।
तेजड़ियों का नजरिया : जी के ऑल इंडिया टीवी नेटवर्क शेयर में Q2FY24 में सुधार हुआ। पिछली सात तिमाहियों में टीवी दर्शकों की संख्या में 320 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। बाजार में Zee5 की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इससे नए बोलीदाता मैदान में आ सकते हैं।
मंदड़ियों का नजरिया : सीएलएसए के अनुसार इसका वैल्यूएशन 12x PE स्तर तक गिरने की आशंका है। इसके अलावा रिलायंस और डिजनी स्टार के कथित विलय से प्रतिस्पर्धा और तेज हो जाएगी।
कंपनी की तीसरी तिमाही के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहे।
तेजड़ियों का नजरिया : बैंक ने पिछले कई तिमाहियों से अपने ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस को लगातार कायम रखा है। एचडीएफसी बैंक की समस्याओं के कारण कुछ फंड मैनेजर एचडीएफसी बैंक से आईसीआईसीआई बैंक में शिफ्ट हो सकते हैं।
मंदड़ियों का नजरिया : असुरक्षित लोन बढ़कर लोन बुक का 14 प्रतिशत हो गया है। डिपॉजिट की ऊंची लागत को देखते हुए शुद्ध ब्याज मार्जिन में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इसलिए वैल्यूएशन मल्टीपल की रीरेटिंग की संभावना कम दिखती है।
Q3 के अच्छे आंकड़ों के बावजूद स्टॉक दबाव में है।
तेजड़ियों का नजरिया : विश्लेषकों का मानना है कि कारोबार की थोक बिक्री अच्छी रह सकती है। जबकि रिटेल बिक्री अगले 12 महीनों में ठीक हो सकती है।
मंदड़ियों का नजरिया : कम निर्यात और अधिक विज्ञापन खर्च के कारण मार्जिन कम हो गया। त्योहारी सीजन के दौरान कमजोर मांग के कारण भी आय अनुमान से कम रही। हाल के आईटी छापे अभी भी सेंटीमेंट पर असर डाल रहे हैं।
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