तीसरी तिमाही के नतीजे अब तक स्क्रिप्ट के अनुसार ही रहे हैं। कुछ भी शानदार नहीं है तो कोई बुरा आश्चर्य भी नहीं। अन्य बैंक बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में कामयाब रहे हैं लेकिन एचडीएफसी बैंक इस लिहाज से अलग स्थिति में है। चीन की अर्थव्यवस्था में अब तक रिकवरी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। कुछ वैश्विक बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से हालात और खराब हो सकते हैं। चाइना मार्केट रिसर्च ग्रुप के संस्थापक शॉन रीन के अनुसार, चीन डिफ्लेशन का सामना कर सकता है। विदेशी निवेश के नजरिये से देखें तो भारत के लिए कम प्रतिस्पर्धा है। इसके साथ ही, वैश्विक शेयर बाजारों का मूड भी उत्साहित बना हुआ है। बुल्स का यह सोचना उचित हो सकता है कि रैली में अभी भी काफी दम बाकी है।
