Short Call: क्रूड ऑयल और दूसरी कमोडिटी की कीमतें ग्लोबल इकोनॉमी के बारे में दे रही हैं संकेत, Bharat Dynmics, Zydus life क्यों सुर्खियों में हैं?

हिंडनबर्ग रिसर्च के नए आरोपों का मार्केट पर असर नहीं दिखा है। लेकिन, कमोडिटी की कीमतों में नरमी को ग्लोबल इकोनॉमी के हालात का संकेत माना जा रहा है। गोल्ड को छोड़ ज्यादातर कमोडिटी की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। चीन की इकोनॉमी में कमजोरी बनी हुई है। अमेरिकी इकोनॉमी में मंदी के स्पष्ट संकेत दिखे हैं

अपडेटेड Aug 13, 2024 पर 10:12 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
आयरन ओर की कीमतों में लगातार छठे हफ्ते गिरावट आई है। बीते एक महीने में क्रूड ऑयल में करीब 10 फीसदी गिरावट आ चुकी है।
     
     
    live
    Volume
    Todays L/H
    Details

    अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च के नए आरोपों का असर स्टॉक मार्केट्स पर नहीं पड़ा। इस बार हिंडनबर्ग ने सेबी की चेयरपर्नस माधबी पुरी बुच पर निशाना साधा है। पिछले साल जनवरी में उसने अदाणी ग्रुप पर कई आरोप लगाए थे। हालांकि, मार्केट्स में थकान के संकेत दिख रहे हैं। कीमतें हाई लेवल पर टिक नहीं पा रही हैं, क्योंकि खरीदार ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं दिख रहे। ग्लोबल मार्केट्स में भी इसी तरह के हालात हैं। अब कमोडिटी की कीमतों का असर दिख सकता है। गोल्ड को छोड़ बाकी कमोडिटी संघर्ष करती दिख रही हैं। इसे ग्लोबल डिमांड में सुस्ती का संकेत माना जा रहा है।

    ज्यादातर कमोडिटी की कीमतों पर दबाव

    Wolfe Research के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब गिंसबर्ग ने 9 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में कमोडिटी के बारे में कहा था कि पूरा एसेट क्लास दबाव में आता दिख रहा है। कमोडिटी की कीमतों में बड़ी गिरावट को इकोनॉमी की सेहत को लेकर चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है। रेड मेटल की कीमत 2024 के अपने हाई लेवल से 21 फीसदी गिर चुका है। हालांकि, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर्स और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस बना हुआ है। उधर, आयरन ओर की कीमतों में लगातार छठे हफ्ते गिरावट आई है। बीते एक महीने में क्रूड ऑयल (Crude Oil) में करीब 10 फीसदी गिरावट आ चुकी है। इसकी बड़ी वजह यह है कि चीन की इकोनॉमी में कमजोरी बनी हुई है। अमेरिकी इकोनॉमी (US Economy) के मंदी में जाने की आशंका है। अमेरिकी इकोनॉमी में सुस्ती के संकेत स्पष्ट दिखने लगे हैं।


    इंडिया में हालात बेहतर

    इंडिया में वैल्यूएशन ज्यादा है। हालांकि, एमके ग्लोबल के स्ट्रेटेजिस्च शेषाद्री सेन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इंडिया में स्थिति अच्छी दिख रही है। एमके ने अपनी इनवेस्टर मीट में 65 कंपनियों को आमंत्रित किया था। इससे यह पता चला है कि ज्यादातर कंपनियों की कमेंट्री पॉजिटिव है। कई सेक्टर्स खासकर इंडस्ट्रियल में ग्रोथ आउटलुक स्ट्रॉन्ग है। कंज्यूमर डिमांड में रिकवरी दिख रही है। सरकार के निवेश में कोई बदलाव नहीं आया है। कमोडिटी की कीमतों में नरमी से ऑपरेटिंग मार्जिन में स्थिरता है। लोन की मांग पर असर नहीं पड़ा है। पूंजीगत खर्च के प्लान में कोई बदलाव नहीं दिख रहा।

    Bharat Dynamics

    भारत डायनामिक्स के शेयर 12 अगस्त को 6.1 फीसदी की गिरावट के साथ 1,346 रुपये पर बंद हुए। इसकी वजह कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे हैं। Bharat Dynamics का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 83 फीसदी घटा है। EBITDA अनुमान से कम रहा है। बुल्स का कहना है कि ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है, जिससे इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में रिकवरी की उम्मीद है। महंगे कंपोनेंट की खरीदारी का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है।

    Zydus Lifesciences

    जायडस लाइफसाइंसेज का शेयर 12 अगस्त को 3.68 फीसदी गिर कर बंद हुआ। Zydus Lifesciences के पहली तिमाही के नतीजे स्ट्रॉन्ग हैं। कंपनी का मार्जिन रिकॉर्ड हाई पर है। इंडियन मार्केट में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा है। स्पेशियलिटी एसेट्स और अमेरिका में प्रोडक्ट लाइन-अप से FY27 में Revlimid की एक्सक्लूसिविटी खत्म होने का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। नुवामा ने इस बारे में अपनी रिपोर्ट में बताया है। ओवरएक्टिव ब्लैडर ड्रग Myrbetriq लॉन्च हो चुका है। इसका FY25 में कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा योगदान होगा। उधर, बेयर्स की दलील है कि यूएस जेनेरिक स्पेस में कीमत में उम्मीद से ज्यादा गिरावट आई है। मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स पर रेगुलेटरी कार्रवाई का असर कंपनी की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

    यह भी पढ़ें: Bank Nifty अगर 50868 पार हुआ तो 51035 का स्तर भी होगा मुमकिन: वीरेंद्र कुमार

    Jubilant Foodworks

    जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयरों में 12 अगस्त को 8.78 फीसदी उछाल आया था। बुल्स का कहना है कि कंपनी डोमिनो के स्टोर्स की संख्या बढ़ा रही है। रेस्टॉरेंट्स में डाइन-इन सेल्स स्ट्रॉन्ग है। क्विक-सर्विस रेस्टॉरेंट की डिमांड में इम्प्रूवमेंट दिखा है। उधर, बेयर्स की दलील है कि क्यूएसआर की ग्रोथ सुस्त है। बढ़ती महंगाई और कंज्यूमर कंजम्प्शन में सुस्ती का असर स्टॉक की अर्निंग्स विजिबिलिटी पर पड़ता दिख रहा है। टेक्नोलॉजी में ज्यादा निवेश का असर मार्जिन पर पड़ सकता है।

    हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।