इंडिया सहित ग्लोबल मार्केट्स बीते हफ्ते लॉस में बंद हुए। लेकिन, यह गिरावट उम्मीद के मुकाबले काफी कम रही। सोमवार को आई बड़ी गिरावट के बाद हफ्ते का अंत बड़ी गिरावट के साथ होने का अनुमान था। उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी दिखा सकता है। इससे दुनियाभर में स्टॉक मार्केट्स में सेंटिमेंट मजबूत रहने की उम्मीद है। बीते हफ्ते भले ही मार्केट में तेज रिकवरी आई है, लेकिन अभी चिंता खत्म नहीं हुई है। बीते हफ्ते रोजगार के दो तरह के डेटा पर निवेशकों ने काफी ज्यादा प्रतिक्रिया दिखाई। सवाल यह है कि अगर रोजगार का अगला डेटा निराशाजनक रहता है तो क्या होगा? अगर मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते हैं तो क्या होगा?
