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Short Call: रिटेल इनवेस्टर्स को शेयरों की हाई वैल्यूएशन की चिंता नहीं, जानिए Azad Engineering, CIL और एचपीसीएल क्यों सुर्खियों में हैं

रिटेल इनवेस्टर्स को हाई वैल्यूएशन की चिंता नहीं है। सेकेंडरी और प्राइमरी मार्केट में निवेश को लेकर उनके उत्साह पर किसी तरह का असर पड़ता नहीं दिख रहा है। हालांकि, प्रोफेशनल इनवेस्टर्स बाजार की मौजूदा स्थिति से तालमेल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 05, 2024 पर 5:14 PM
Short Call: रिटेल इनवेस्टर्स को शेयरों की हाई वैल्यूएशन की चिंता नहीं, जानिए Azad Engineering, CIL और एचपीसीएल क्यों सुर्खियों में हैं
कोल इंडिया का शेयर 4 सितंबर को 3 फीसदी गिरकर 505 रुपये पर बंद हुआ।

यह ऐसा मार्केट है, जिसमें रिटेल इनवेस्टर्स पर सतर्कता बरतने की सलाह का कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। इससे शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है। उधर, सेबी लगातार एसएमई सेगमेंट से जुड़े रिस्क को लेकर आगाह कर रहा है। लेकिन, रिटेल इनवेस्टर्स सुनने को तैयार नहीं हैं। प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों ही मार्केट में वैल्यूएशन काफी हाई लेवल पर पहुंच गई है। प्रोफेशनल इनवेस्टर्स धीरे-धीरे इस मार्केट के साथ तालमेल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मार्केट जिस तरह से हर चिंता को पीछे छोड़ आगे बढ़ता जा रहा है, उससे प्रोफेशनल इनवेस्टर्स भी हैरान हैं। हालांकि मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि मार्केट ने तेजी का अभी आधा ही सफर पूरा किया है।

ग्लोबल मार्केट्स (Global Markets) से खतरे के संकेत मिल रहे हैं। इसकी वजह ग्रोथ सुस्त पड़ने को लेकर चिंता है। इसका असर मार्केट पर पड़ेगा।  ग्रोथ की बात करें तो इंडिया में भी ऐसी ही स्थिति है। कोविड के बाद पहली बार अगर ग्रोथ की रफ्तार सुस्त पड़ती है और सरकार के खर्च करने की रफ्तार में कमी आती है तो इसका असर मार्केट पर पड़ना तय है। निवेशक इससे चिंतित हैं। हालांकि, यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आगे मार्केट में जरूरी करेक्शन आने वाला है। हालांकि, मॉर्गन (Morgan Stanley) स्टेनली ने खुद को ऐसी स्थिति के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। उसका मानना है कि यह उन निवेशकों के लिए सुनहरा मौका होगा, जो अब तक निवेश के लिए मौके का इंतजार कर रहे थे।

Azad Engineering

आजाद इंजीनियरिंग का शेयर 4 सितंबर को 4.3 फीसदी उछाल के साथ 1,573 रुपये पर बंद हुआ। Investec ने Azad Engineering के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसका अनुमान है कि मौजूदा लेवल से यह शेयर 23 फीसदी चढ़ सकता है। बुल्स का कहना है कि FY24 से FY27 के दौरान कंपनी के टैक्स बाद मुनाफा (PAT) की CAGR 40 फीसदी रह सकती है। इस दौरान वर्किंग कैपिटल की जरूरत सामान्य लेवल पर आ जाएगी और RoIC में इम्प्रूवमेंट होगा। उधर, बेयर्स की दलील है कि कंपनी का 75 फीसदी रेवेन्यू एक्सपोर्ट से आता है। ऐसे में अगर एक्सपोर्ट टैरिफ में किसी तरह का बदलाव आता है या विदेशी बाजार में किसी तरह की समस्या आती है तो इसका असर कंपनी के रेवेन्यू पर पड़ेगा।

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