मशहूर स्टॉक इनवेस्टर Bernard Baruch ने कहा था कि मेरा मानना है कि इकोनॉमिस्ट्स यह मान चलते हैं कि वे कई चीजों के बारे में काफी ज्यादा जानते हैं। अगर वे वाकई इतना ज्यादा जानते होते तो सबसे ज्यादा पैसे उनके पास होते और हमारे पास कुछ भी नहीं होता। बरूच का यह कोट बाजार की मौजूदा स्थिति में सही लगता है। मार्केट का फोकस अब कंपनियों के नतीजों पर रहेगा। इसके चलते खास शेयरों में हलचल दिख सकती है। अमेरिका में अच्छी जॉब रिपोर्ट्स आई है। इससे यह उम्मीद बनी है कि फेडरल रिजर्व मई के पहले हफ्ते में इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वॉइंट्स का इजाफा कर सकता है।
इंडिया में सेंटिमेंट बेहतर
इधर, इंडिया में सेंटिमेंट काफी बेहतर है। शेयरों से फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसे के फ्लो में सुस्ती दिख सकती है। अमीर इनवेस्टर्स की दिलचस्पी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ी बढ़ती दिख रही है। लेकिन, इनवेस्टर्स को यह नहीं भूलना चाहिए कि बीते एक साल से ज्यादा समय से शेयरों का रिटर्न काफी कम रहा है।
Titan ने बिजनेस में अच्छी ग्रोथ के संकेत दिए हैं। चौथी तिमाही में करीब सभी बिजनेस की ग्रोथ डबल डिजिट (9% से ज्यादा) में रही है। साल दर साल आधार पर रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़ा है। अच्छी बात यह है कि रेवेन्यू में वॉचेज और वियरेबल सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़ी है। इसका असर आज टाइटन के शेयरों पर दिखेगा। सवाल यह है कि अच्छी ग्रोथ को देख इनवेस्टर्स कितनी कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं? पिछली कई तिमाहियों से यह देखा गया है कि इनवेस्टर्स ने ज्यादा वैल्यूएशंस वाले शेयरों से दूरी बनाई है। पिछले 18-21 महीनों में Titan, Asian Paints, Nestle, Avenue Supermarket और Page Industries जैसे शेयरों का रिटर्न उम्मीद के मुकाबले कम रहा है।
रियल एस्टेट की बढ़ सकती है चमक
Sobha ने चौथी तिमाही में बिजनेस ग्रोथ मिलीजुली रहने के संकेत दिए है। साल दर साल आधार पर सेल्स वॉल्यूम ग्रोथ और प्रति वर्ग फीट एवरेज रियलाइजेशन अच्छी दिखती है। लेकिन, तिमाही दर तिमाही आधार पर यह उतनी अच्छी नहीं है। डेटा यह संकेत दे रहे हैं कि घर खरीदने में दिलचस्पी बढ़ी है। यह दिलचस्पी पिछले कई सालों में अभी सबसे ज्यादा है। लेकिन, ज्यादा इंटरेस्ट रेट्स, कंपनियों में छंटनी और आईटी सर्विसेज में उम्मीद से कम इंक्रीमेंट का असर हाउसिंग डिमांड पर पड़ सकता है। पिछली दो तिमाही में Sobha का रेवेन्यू अच्छा रहा है। लेकिन, प्रॉफिट में उस हिसाब से ग्रोथ देखने को नहीं मिली है। इस वजह से यह रियल एस्टेट के सबसे महंगे शेयरों में से एक है। पिछले छह महीनों में यह स्टॉक करीब 40 फीसदी गिरा है।
सीमेंट स्टॉक्स के लौटेंगे अच्छे दिन
तीसरी तिमाही में मार्जिन बहुत खराब रहने के बाद मार्च तिमाही सीमेंट कंपनियों के लिए अच्छी रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद सीमेंट की अच्छी डिमांड और लोअर फ्यूल कॉस्ट का असर कंपनियों की मुनाफा बनाने की क्षमता पर एक सीमा से ज्यादा दिखने की उम्मीद नहीं है। अच्छी बात यह है कि जून तिमाही में बेहतर ऑपरेटिंग लिवरेज, फ्यूल की घटती कॉस्ट और कीमतों में संभावित वृद्धि से मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है। खराब खबर यह है कि कंपनियों की कमाई में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं दिख रही। अडानी ग्रुप में थोड़ी दिक्कत दिख रही है, लेकिन यह कुछ समय के लिए है। क्षमता विस्तार की बहुत अच्छी संभावना दिख रही है। इससे कीमतों में बढ़ोतरी पर ब्रेक लग सकता है।