अक्टूबर सीरीज की शुरुआत हो चुकी है। पिछली चार सीरीज में निफ्टी पॉजिटिव में रहा है। सवाल है कि क्या यह ट्रेंड जारी रहेगा? अगर पिछले 10 सालों में इंडियन मार्केट्स के ट्रेंड्स को देखें तो जुलाई और अक्टूबर निफ्टी के लिए बेस्ट महीने रहे हैं। इस दौरान सिर्फ एक बार निफ्टी की क्लोजिंग जुलाई में लाल निशान में हुई है और दो बार यह अक्टूबर में गिरकर बंद हुआ है। आम तौर पर सितंबर को सबसे खराब महीना माना जाता है। लेकिन, यह सच नहीं है। सबसे खराब महीना जनवरी है। निफ्टी 10 में से 7 बार जनवरी में गिरकर बंद हुआ है।
तो क्या हमें अक्टूबर में मार्केट में तेजी जारी रहने की उम्मीद करनी चाहिए? इसका जवाब है नहीं। दरअसल, पिछले ट्रेंड के आधार पर अनुमान लगाना ठीक है, लेकिन इस पर पूरी तरह से निर्भर होना ठीक नहीं है। एक्सपर्ट्स लगातार निफ्टी 50 (Nifty50) की हाई वैल्यूएशन की चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, अगर स्मॉलकैप (Smallcap) और मिडकैप (Midcap) इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी 50 की वैल्यूएशन अपेक्षाकृत कम है। इधर, दूसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ पर मार्केट की करीबी निगाहें होंगी।
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Crompton Greaves Consumer Electricals
क्रॉम्प्टन ग्रीव्ज के शेयरों में 26 सितंबर को 5 फीसदी गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि मॉर्गन स्टेनली ने Crompton Greaves Consumer के शेयरों पर 'इक्वल वेट' रेटिंग बनाए रखी है। उसने इस स्टॉक के लिए 323 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इस स्टॉक में आगे 26 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ सकती है। बुल्स का कहना है कि कंपनी इनोवेशन और ब्रांड में निवेश बढ़ाया है। कंपनी ने 10 फीसदी बाजार हिस्सेदारी और डबल डिजिट मार्जिन का टारगेट तय किया है। उधर, बेयर्स की दलील है कि गर्मी के दौरान कूलिंग डिवाइस की सेल्स स्ट्रॉन्ग रहने के बाद आगे सेल्स में कुछ सुस्ती दिख सकती है। कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की डिमांड कमजोर दिख रही है।