SIP and Rupee Connection: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग ने कच्चे तेल में ऐसा उबाल लाया कि इसकी आंच में भारतीय रुपया बुरी तरह झुलस गया। रुपया एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में ₹97 के पार पहुंच गया। इसे कच्चे तेल की कीमतें या चालू खाते के घाटे से जोड़ा जा रहा है लेकिन ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि इसकी कमजोरी की एक और वजह घरेलू निवेशकों की एसआईपी के जरिए ताबड़तोड़ इक्विटी में निवेश हो सकती है। “INR Pressure-The Downside of SIPs” के नाम से अपनी रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और इसके मुकाबले मजबूत घरेलू निवेश रुपये पर दबाव का मुख्य कारण बन गया है।
