1 शेयर पर 9 बोनस शेयर मिलेंगे मुफ्त, कंपनी ने रिकॉर्ड डेट का किया ऐलान, इस साल दे चुकी है 293% रिटर्न

Sky Gold Shares: स्काई गोल्ड लिमिटेड ने अपने बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इससे पहले 26 अक्टूबर को शेयरधारकों को 9:1 के अनुपात में बोनस इश्यू जारी करने का ऐलान किया था। अब कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि इस बोनस इश्यू के लिए 16 दिसंबर को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है

अपडेटेड Dec 03, 2024 पर 1:54 PM
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Sky Gold shares: स्काई गोल्ड ने इस साल अब तक करीब 293.91 फीसदी का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है

Sky Gold Shares: स्काई गोल्ड लिमिटेड ने अपने बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इससे पहले 26 अक्टूबर को शेयरधारकों को 9:1 के अनुपात में बोनस इश्यू जारी करने का ऐलान किया था। अब कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि इस बोनस इश्यू के लिए 16 दिसंबर को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। इसका मतलब है कि जिन शेयरधारकों के पास रिकॉर्ड डेट को या उससे पहले स्काई गोल्ड के शेयर होंगे, वे इस बोनस इश्यू का लाभ पाने के लिए योग्य होंगे। बोनस इश्यू के तहत कंपनी 9:1 के अनुपात में शेयर जारी करेगी। यानी शेयरधारकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर के बदले 9 अतिरिक्त शेयर बिना किसी लागत के दिए जाएंगे।

इस ऐलान के बाद स्काई गोल्ड के शेयरों में आज 3 दिसंबर को तेजी देखी गई। दोपहर 1 बजे के करीब, स्काई गोल्ड के शेयर NSE पर करीब 2.96 फीसदी की तेजी के साथ 3,925.50 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। पिछले एक महीने में स्काई गोल्ड के शेयरों में 13 फीसदी की तेजी आई है। वहीं इस साल अब तक इसके शेयरों ने करीब 293.91 फीसदी का शानदार मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

स्काई गोल्ड के शेयरों का फेस वैल्यू फिलहाल 10 रुपये प्रति शेयर है। बता दें कि 2022 के बाद से यह दूसरा मौका है जब स्काई गोल्ड अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी करने पर विचार कर रही है। 2022 में इसने 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे।


स्काई गोल्ड के शेयरों का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल करीब 5,600 करोड़ रुपये है। हालांकि, एक्सचेंजों ने इस स्टॉक को फिलहाल अतिरिक्त निगरानी वाले ASM फ्रेमवर्क के चरण-4 की सूची में डाला हुआ है।

ASM फ्रेमवर्क के चरण-4 में शामिल शेयरों के लिए हर ट्रेड का अलग से सेटलमेंट होता है और इसे बाकी ट्रेड के साथ नेट ऑफ नहीं किया जा सकता है। साथ ही इन स्टॉक में ट्रेडिंग के लिए फुल अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत होती है और सर्किट लिमिट दोनों तरफ 5% तक सीमित होता है।

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