Som Distilleries के शेयरों में 4% की तेजी, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लाइसेंस निलंबन पर लगाई रोक

Som Distilleries Share: स्टे ऑर्डर के बाद सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रूअरीज ने कहा कि कंपनी के प्लांट में सामान्य कामकाज फिर से शुरू हो गया है। बता दें कि 2 जुलाई को रॉयटर्स ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्लांट के निरीक्षण के दौरान 13 से 17 साल की उम्र के बाल मजदूर काम करते पाए गए

अपडेटेड Jul 02, 2024 पर 4:43 PM
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सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रूअरीज के शेयरों में आज 2 जुलाई को 3 फीसदी से अधिक की तेजी देखी गई।

सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रूअरीज के शेयरों में आज 2 जुलाई को 3 फीसदी से अधिक की तेजी देखी गई। यह स्टॉक BSE पर 3.24 फीसदी की बढ़त के साथ 118 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। दरअसल, कंपनी ने बताया कि 28 जून को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उसके लाइसेंस के निलंबन पर रोक लगा दी है। इस खबर के बाद आज कंपनी के शेयरों में खरीदारी देखी गई। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2286 करोड़ रुपये हो गया है।

Som Distilleries में सामान्य कामकाज शुरू

स्टे ऑर्डर के बाद सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रूअरीज ने कहा कि कंपनी के प्लांट में सामान्य कामकाज फिर से शुरू हो गया है। बता दें कि 2 जुलाई को रॉयटर्स ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्लांट के निरीक्षण के दौरान 13 से 17 साल की उम्र के बाल मजदूर काम करते पाए गए। समाचार एजेंसी ने बताया कि बाल मजदूरों से शराब की बोतलें भरने और पैक करने का काम करवाया जाता था और उन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।


Som Distilleries के प्लांट में काम करते मिले थे 58 बच्चे

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस मध्य प्रदेश में डिस्टिलरी में चाइल्ड लेबर की जांच कर रही है, क्योंकि पिछले महीने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कहा था कि उसे फैक्ट्री में अवैध रूप से 58 बच्चे काम करते हुए मिले थे। आयोग ने कुछ बच्चों के हाथों में केमिकल की वजह से जलन के निशान वाली तस्वीरें जारी कीं और कहा कि कुछ बच्चों को फैक्ट्री में काम करने के लिए स्कूल बसों में ले जाया गया था।

सरकार ने निलंबित कर दिया था Som Distilleries का लाइसेंस

इस खुलासे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सोम डिस्टिलरी के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया, लेकिन कंपनी ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए कहा कि गलत काम करने का कोई निर्णायक निष्कर्ष नहीं निकला है। सोम की चुनौती के बाद एक स्थानीय अदालत ने राज्य के फैसले को स्थगित कर दिया और कहा कि वह इस महीने के अंत में मामले की अगली सुनवाई करेगी।

18 जून को राज्य सरकार को सौंपे गए एक आवेदन में कंपनी ने कहा था कि कुछ बच्चे अपने माता-पिता को भोजन और दवाइयां पहुंचाने के लिए कंपनी में आते थे, और कोई भी कर्मचारी 21 वर्ष से कम उम्र का नहीं था।

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