27 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली और निफ्टी 26,200 के नीचे बंद हुआ। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज से बाजार की आगे के आउटलुक पर बात करते हुए Canara Robeco MF के हेड इक्विटीस श्रीदत्त भंडवालदार (Shridatta Bhandwaldar) ने कहा कि हमारा फोकस अर्निंग्स ग्रोथ पर ज्यादा है। मैक्रो पैरामीटर पर भारत काफी बेहतर नजर आ रहा है। इन्फ्लेशन से लेकर GDP ग्रोथ बढ़िया है। बाजार में समय समय पर करेक्शन होते हैं। बाजार के लिए ये साल काफी अच्छा रहा। हालांकि मिड-स्मॉलकैप के वैल्युएशन के लिए कंसर्न है लेकिन बाजार में लिक्विडिटी काफी आई है। जिसके चलते बाजार में अब थोड़ा कंसोलिडेशन संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि अगले साल अर्निंग ग्रोथ मोडरेट रहने की संभावना है। बाजार में सेक्टर रोटेशन हो रहा है। बाजार पर अर्निंग ग्रोथ का असर रहेगा। मैक्रो, बैलेंस शीट काफी मजबूत है और सरकारी कैपेक्स और प्राइवेट कैपेक्स काफी मजबूत है।इस बाजार में रियल एस्टेट काफी अच्छा कर रहा है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के जियोपॉलिटिकल इश्यू, सिंगल डिजिट में पहले क्वार्टर की अर्निंग ग्रोथ ये बाजार के लिए एक चिंता का विषय है। अर्निंग का डबल डिजिट में होना जरूरी है।
श्रीदत्त भंडवालदार ने कहा कि निवेशकों को समय समय पर पोर्टफोलियो का रिव्यू करना चाहिए। अर्निग और ग्रोथ की वजह से बदलाव करें। कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ जरूरी होना । कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ पर फोकस है। अगले 2 साल के लिए पोर्टफोलियो कंस्ट्रक्टिव है।
ऑयल एंड गैस पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि अस्थिरता को कम करने पर फोकस रहा। स्टेबिलिटी, अर्निंग ग्रोथ पर फोकस है। ऑयल एंड गैस सेगमेंट में हाईएस्ट ग्रोथ कंपनियों पर फोकस करें। हालांकि एनर्जी स्पेस में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। भरोसेमंद कंपनियों पर फोकस करें। ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले सेक्टर्स में बुलिश नहीं हूं। रिस्क को कम करने वाले सेक्टर पर नजर रखना चाहिए।
सेक्टर स्पेशिफिक बात करते हुए श्रीदत्त भंडवालदार ने कहा कि उन्हें कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी सेक्टर बढ़िया लग रहा है। फूड प्लेटफॉर्म कंपनियों का एक्सपोजर अच्छा है। इनपर भी ध्यान दिया जा सकता है। ऑटो एंसिलरी सेक्टर, लार्ज, प्राइवेट फाइनेंशियल और हाईएस्ट ग्रोथ कंपनियों पर फोकस करना चाहिए। इनमें आगे अच्छी तेजी की संभावनाए है। उन्होंने कहा कि हम बैंकिंग सेक्टर पर ज्यादा बुलिश है। फाइनेंशियल सेक्टर पर वेटेज हमारे पोर्टफोलियो में ज्यादा है। वहीं लाइफ, जनरल इंश्योरेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर ओवरवेट नजरिया बना हुआ। हमारा ऑयल एंड गैस, एनर्जी स्पेस में एक्सपोजर नहीं है।
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