कभी- कभी बाजार में कुछ ना करना ही होता है सबसे बेहतर रणनीति- मैक्स लाइफ के मिहिर वोरा

मिहिर वोरा ने कहा कि अगर इस समय आपके पास निवेश के लिए अतरिक्त पैसा है तो आपको धीरे-धीरे अच्छे शेयरों में खरीदारी शुरु करनी चाहिए।

अपडेटेड Mar 07, 2022 पर 5:13 PM
मार्च 2022 के शुरुआत से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक करीब 18,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके है। बिकवाली के इस माहौल में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के मिहिर वोरा की लंबी अवधि के निवेशकों को सलाह है कि "कभी-कभी कुछ ना करना ही बाजार की सबसे बेहतर रणनीति होती है.

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और इसके चलते बाजार में छाए डर के माहौल में 7 मार्च यानी आज के कारोबार में बाजार से 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी निकलती दिखी। मंदड़िए आज के कारोबार में दलाल स्ट्रीट पर अपनी पकड़ मजबूत करते नजर आए। फरवरी के शुरुआत से अब तक निवेशकों के करीब 29 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं।

मार्च 2022 के शुरुआत से अब तक विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) करीब 18,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके है। बिकवाली के इस माहौल में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के मिहिर वोरा की लंबी अवधि के निवेशकों को सलाह है कि "कभी-कभी कुछ ना करना ही बाजार की सबसे बेहतर रणनीति होती है।"

CNBC TV-18 को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस समय स्थितियां बड़ी तेजी से बदल रही है और आपके लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि अगले पल बाजार कौन सी करवट लेगा। चूंकि बाजार की स्थिति काफी निराशाजनक है और अभी तक कहीं से कोई अच्छी खबर नहीं आ रही है। ऐसे में हमें यह बात भी ध्यान में रखने की जरुरत है कि स्टॉक की कीमतों में भी काफी तेजी से मूवमेंट होता दिखा है।


निफ्टी 10-12 फीसदी नीचे नजर आ रहा है और पिछले 3-4 महीने में बाजार में काफी व्यापक गिरावट देखने को मिली है। हालांकि सेंसेक्स-निफ्टी जैसे इंडेक्स से यह गिरावट उतनी नजर नहीं आती।

Multibagger stock: कमजोर बाजार में भी इस  स्टॉक ने एक महीने में दिया 150% का रिटर्न, क्या है आपके पास?

बाजार की वर्तमान स्थिति की मार्च 2020 से तुलना करते हुए मिहिर वोरा ने कहा कि इस साल बाजार की स्थिति अलग नजर आ रही है। मार्च 2020 में यह स्पष्ट नजर आ रहा था कि आईटी और फार्मा इंडेक्स टेक्नोलॉजी में बढ़ रहे निवेश और कोविड -19 की लहर के चलते ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करेंगे लेकिन इस समय बाजार में सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें और महंगाई का डर हावी है। जिसके कारण कमोडिटी से जुड़े स्टॉक्स में तेजी नजर आ रही है। एक बार स्थितियों में सुधार होने पर भारत की इकोनॉमी घरेलू सेक्टर में काफी बेहतर करती नजर आएगी। इसको ध्यान में रखते हुए अब बाजार की रणनीति मार्च 2020 की तुलना में अलग होनी चाहिए। हालांकि अगर इस समय आपके पास निवेश के लिए अतरिक्त पैसा है तो आपको धीरे-धीरे अच्छे शेयरों में खरीदारी शुरु करनी चाहिए।

बाजार की आज की चाल पर नजर डालें तो कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1491.06 अंक यानी 2.74 फीसदी की गिरावट के साथ 52,842.75 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 382.20 अंक यानी 2.35 फीसदी टूटकर 15,863.15 के स्तर पर बंद हुआ।

आज के कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी बियर मार्केट के जोन में कदम रखते नजर आए। आज यह दोनों इंडेक्स कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुले थे। बता दें कि अगर कोई इंडेक्स अपने हाल के हाई से 20 फीसदी या उससे ज्यादा टूट जाए तो यह माना जाता है कि वह इंडेक्स बियर मार्केट के दायरे में प्रवेश कर चुका है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप की स्थिति यही नजर आ रही है। क्योंकि यह दोनों इंडेक्स अपने हाल के हाई से 20 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।