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Stock in Focus: ₹10000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

Stock in Focus: यहां एक ऐसे कंपनी की डिटेल्स दी जा रही है, जिसके शेयरों में मार्केट खुलने पर एक नहीं, दो नहीं, तीन वजहों से तेज हलचल दिख सकती है। एक तो ये कि कंपनी को ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी मिली तो दूसरा ये कि बोर्ड ने ऐसी मंजूरी दी है जिससे कंपनी के लिए विदेशी बाजारों में एक बड़ा काम आसान हो गया। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 28, 2026 पर 8:37 AM
Stock in Focus: ₹10000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर
IIFL Finance के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है, जिसका असर मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर दिख सकता है।

Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।

IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स

आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।

फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।

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