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Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी

Stock in Focus: यह नवरत्न कंपनी अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी का खुद में विलय करने वाली है। बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है तो दीपम से एनओसी भी मिल चुकी है। जानिए कि इस विलय के बाद क्या शेयरहोल्डर्स को नए शेयर मिलेंगे या कैश पेमेंट होगा और विलय पर एक्सचेंजों से मंजूरी को लेकर क्या प्रोसेस है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jul 19, 2026 पर 8:56 AM
Stock in Focus: 20 जुलाई को इस नवरत्न कंपनी के शेयरों पर रहेगी नजर, विलय के बड़े प्लान को बोर्ड की मंजूरी
NBCC Share Price: नवरत्न कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी एचएससीसी (इंडिया) को खुद में विलय करने वाली है।

NBCC Share Price: नवरत्न कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) अपनी पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी एचएससीसी (इंडिया) को खुद में विलय करने वाली है। मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (MoHUA) के तहत काम करने वाली नवरत्न ने 18 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। ऐसे में अब सोमवार 20 जुलाई को जब मार्केट खुलेगा तो इसके शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। अभी इसके स्थिति की बात करें तो शुक्रवार 17 जुलाई को बीएसई पर यह 0.10% की हल्की गिरावट के साथ बीएसई पर ₹97.25 के भाव पर बंद हुआ था।

NBCC के शेयरहोल्डर्स को मिलेंगे और शेयर?

साल 1983 में बनी एचएसीसी देश-विदेश में हॉस्पिटल्स के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट), हेल्थकेयर इंफ्रा कंसल्टेंसी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट पर काम करती है। इसके क्लाइंट्स वर्ल्ड बैंक और डब्ल्यूएचओ भी हैं। यह पूरी तरह से एनबीसीसी की सब्सिडियरी है और अब इसका विलय एनबीसीसी में होना है। इसके लिए 1 अप्रैल 2026 की तारीख तय की गई है यानी कि मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स इसे मंजूरी दे दे और RoC (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज) के पास फाइल होने के बाद 1 अप्रैल 2026 से एचएसबीसी का अलग अस्तित्व खत्म माना जाएगा।

दीपम (डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट) से विलय के लिए पहले ही एनओसी मिल चुकी है तो सेबी के नियमों के मुताबिक किसी होल्डिंग कंपनी और उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के बीच विलय के लिए स्टॉक एक्सचेंज से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होती। अब इसके एनबीसीसी के शेयरहोल्डर्स पर असर की बात करें तो चूंकि एचएससीसी पूरी तरह से एनबीसीसी की स्वामित्व वाली कंपनी है तो विलय के बाद कोई नया शेयर नहीं जारी होगा और न ही किसी प्रकार का कोई कैश पेमेंट होगा।

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