शेयर बाजार एक बार फिर से नई ऊंचाई पर है। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पहली बार 3 जुलाई को 80,000 अंक पार कर गया। सवाल यह है कि ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए? बहरहाल, हम निवेशकों के लिए यहां कुछ टिप्स यहां पेश रहे हैं:

शेयर बाजार एक बार फिर से नई ऊंचाई पर है। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पहली बार 3 जुलाई को 80,000 अंक पार कर गया। सवाल यह है कि ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए? बहरहाल, हम निवेशकों के लिए यहां कुछ टिप्स यहां पेश रहे हैं:
एसेट एलोकेशन
सेंसेक्स में इस साल 11 पर्सेंट की बढ़त देखने को मिल चुकी है। पिछले एक साल में इसमें 22 पर्सेंट की तेजी रही है। ऐसे में सवाल यह है कि आपको शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए या बिकवाली शुरू कर देनी चाहिए? ऐसी स्थिति में आपके लिए एसेट एलोकेशन जरूरी हो जाता है। दरअसल, आपको यह देखना चाहिए कि आप शेयरों में कितना निवेश करना चाहते हैं और फिलहाल यह निवेश कितना है। उदाहरण के लिए अगर आपने पोर्टफोलियो में शेयरों में निवेश की सीमा 60 पर्सेंट तय की है और अगर बाजार में तेजी की वजह से यह हिस्सेदारी बढ़कर 65 पर्सेंट हो गई है, तो आपको सरप्लस शेयर बेचकर अतिरिक्त पैसा कहीं और लगाना चाहिए।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने बताया, ' अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से बाजार में निवेश करें। लॉन्ग टर्म अवधि के हिसाब से निवेश तय करें और रिटर्न की अपेक्षा थोड़ा सा कम रखें।' एसेट एलोकेशन का यह भी मतलब है कि आपको हर तरह के एसेट क्लास में निवेश करना चाहिए। निवेश को सिर्फ शेयरों तक सीमित नहीं रखें। अपनी पूंजी का आवंटन डेट, म्यूचुअल फंड जैसी फिक्स्ड सिक्योरिटीज के साथ-साथ गोल्ड में भी करें।
फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करना नहीं भूलें
शेयर बाजार की रिकॉर्ड ऊंचाई के दौर में डेट इनवेस्टमेंट्स को नहीं भूलें। इस साल के आखिर से ब्याज दरों में गिरावट का अनुमान है। 10 साल की सरकारी सिक्योरिटी का यील्ड तकरीबन 7 पर्सेंट है। ब्याज दरों में गिरावट के बाद बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट का अनुमान है। निवेशक लगातार यह बात कह रहे हैं कि लॉन्ग टर्म बॉन्ड में भी निवेश करने का समय आ गया है।
LIC म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर, फिक्स्ड इनकम मरजबां ईरानी ने बताया कि हाल में भारतीय सोवरेन बॉन्ड्स को ग्लोबल जेपी मॉर्गन इंडेक्स में शामिल किए जाने का फैसले से भी आने वाले समय में बॉन्ड की कीमतें बढ़ेंगी। हालांकि, सिर्फ यही एक वजह नहीं है, जिसकी वजह से निवेशकों को अपनी रकम का एक बड़ा हिस्सा फिक्स्ड इनकम में निवेश करना चाहिए। ईरानी ने कहा, ' डेट इनवेस्टमेंट आपके पोर्टफोलियो को स्थायित्व मुहैया कराते हैं।'
हेजिंग के विकल्प के तौर गोल्ड में निवेश
मौजूदा समय में न सिर्फ शेयर बाजार में तेजी है, बल्कि गोल्ड में भी बढ़त जारी है। क्वांटम म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर चिराग मेहता ने मनीकंट्रोल पर लिखे गए अपने लेख में कहा था कि गोल्ड आपकी बचत के लिए स्थायित्व प्रदान करता है और यह संकट के समय का साथी है। गोल्ड में निवेश करने का सबसे सही तरीका सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना है।
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