Market Crash: हफ्ते के पहले दिन ₹7 लाख करोड़ स्वाहा! शेयर बाजार में 'ब्लडी मंडे' का कहर

Share Market Crash Today: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन ही शेयर बाजार में तबाही मची हुई है। आज सोमवार को सेंसेक्स में 950 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और निफ्टी 300 अंक टूटकर 22,840 के करीब पहुंच गया। जानिए मार्केट में बिकवाली की ये 3 सबसे बड़ी वजहें

अपडेटेड Sep 28, 2026 पर 10:57 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 2% का बड़ा उछाल आया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $106.5 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है

Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते की शुरुआत बेहद खराब रही है। सोमवार के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक धड़ाम हो गए।

सुबह करीब 10:5 बजे बीएसई सेंसेक्स 990 अंक (1.3%) की भारी गिरावट के साथ 72,943.89 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, NSE का व्यापक सूचकांक निफ्टी 50 300.45 अंक (1.3%) टूटकर 22,840.05 के पास आ गया।

बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जिम्मेदार है। आइए आपको बताते हैं कि किन 3 वजहों से आज शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है।


शेयर बाजार में गिरावट के 3 सबसे बड़े कारण

1. कच्चे तेल की कीमतों में फिर उबला

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में 2% का बड़ा उछाल आया है, जिससे ब्रेंट क्रूड $106.5 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है। जब भी क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो भारत का आयात बिल बढ़ता है, जिससे महंगाई फैलने का खतरा रहता है और भारतीय कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ता है।

2. अमेरिका-ईरान तनाव और भू-राजनीतिक चिंताएं

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और जंग रोकने के ईरानी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि कूटनीति ही इस जंग को हल कर सकती है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण दुनिया भर के निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और सहमे हुए हैं।

3. FII की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालना जारी रखा है। पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार) को भी FIIs ने लगातार दूसरे दिन बिकवाली करते हुए भारतीय बाजार से ₹3,696 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे थे। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से घरेलू बाजार का सेंटिमेंट कमजोर हुआ है।

निफ्टी और बैंक निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

SEBI-रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट फर्म HST Wealth के संस्थापक और सीईओ हरिसेलवन राधाकृष्णन के अनुसार, बाजार की तकनीकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है:

Nifty 50 के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस: निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर बचाना बेहद जरूरी था। इसके नीचे टूटने पर गिरावट गहराकर 22,600–22,580 के स्तर तक जा सकती है, जहां इसका 200-वीक SMA मौजूद है। इसके बाद अगला सपोर्ट 22,400 पर है। ऊपरी स्तरों पर 23,300 और 23,500 पर मजबूत रेजिस्टेंस है। जब तक निफ्टी 23,500 के पार नहीं जाता, तब तक बाजार का रुख 'सेल ऑन राइज' यानी हर बढ़त पर बिकवाली बनी रहेगी।

Bank Nifty की स्थिति: बैंक निफ्टी अपने 100-वीक SMA के करीब 55,175 के स्तर के आसपास पहुंच रहा है। अगर बैंकिंग शेयर इस सपोर्ट लेवल को संभालने में कामयाब होते हैं, तभी निफ्टी को कोई राहत मिल पाएगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।