Stock Market Fall: दिन के लो से 622 अंक रिकवर हुआ सेंसेक्स, लेकिन अभी भी लाल; इन वजहों से घटा सेलिंग प्रेशर

Stock Market Fall: बड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को गिरावट रही थी

अपडेटेड Sep 11, 2026 पर 4:42 PM
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सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक और निफ्टी दिन के लो से 129 अंक तक उछला।

एक दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में 11 सितंबर को फिर से गिरावट है। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.43 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी हुई। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 120.83 अंकों की गिरावट के साथ 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंकों की गिरावट के साथ 23,398.10 पर बंद हुआ।

बीच में सेंसेक्स हरे निशान में भी आया था। गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को तेज गिरावट के बाद हुई रिकवरी के अहम कारण डिटेल में...

वैल्यू बाइंग


बड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 757 अंक तक उछलकर 74,917.15 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी दिन के लो से 216.7 अंक तक चढ़कर 23,448.10 के हाई तक गया।

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वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त

11 सितंबर को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त दिखी। गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट रही थी। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक या 0.6% गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ। बेंचमार्क S&P 500 में 44.66 अंक या 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट इंडेक्स 171.62 अंक या 0.65% गिरकर 26,081.73 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 103.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हैं। इसकी वजह है कि देश कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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