एक दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में 11 सितंबर को फिर से गिरावट है। मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.53 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक और निफ्टी दिन के लो से 129 अंक तक उछला।
गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को तेज गिरावट के बाद हुई रिकवरी के अहम कारण डिटेल में...
बड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 424 अंक ऊपर चढ़कर 74,584.35 के हाई तक गया। निफ्टी दिन के लो से 129.45 अंक उछलकर 23,360.85 के हाई तक गया। IT शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार का नुकसान कम हुआ।
वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त
11 सितंबर को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त दिखी। गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट रही थी। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक या 0.6% गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ। बेंचमार्क S&P 500 में 44.66 अंक या 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट इंडेक्स 171.62 अंक या 0.65% गिरकर 26,081.73 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत टूटकर 105.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हैं। इसकी वजह है कि देश कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।