शेयर बाजार में इन 3 कारणों से अचानक गिरावट, सेंसेक्स दिन के हाई से 800 अंक टूटा, लाल निशान में डूबे 11 सेक्टर
Stock Market Falls: भारतीय शेयर बाजारों में आज 25 मार्च को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवाते हुए लाल निशान में कारोबार किया। बीएसई सेंसेक्स मजबूत शुरुआत के बाद दिन के अपने उच्चतम स्तर से 829.51 अंकों या 1.06% की गिरावट के साथ 77,912.18 के निचले स्तर तक पहुंच गया
Stock Market Falls: निफ्टी दिन के हाई से 242 अंक नीचे आकर 23,627 के स्तर तक लुढ़क गया
Stock Market Falls: भारतीय शेयर बाजारों में आज 25 मार्च को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों शुरुआती बढ़त गंवाते हुए लगभग सपाट बंद हुए। वहीं छोटे और मझोले शेयरों में भारी गिरावट दिखी। निवेशकों की सतर्कता, ग्लोबल टैरिफ को लेकर चिंता और उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते बाजार में गिरावट आई। कारोबार के अंत में, कारोबार के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 32.80 अंक की मामूली बढ़त के साथ 78,017.19 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.13 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स पर जोमैटो, इंडसइंड बैंक, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रां और एसबीआई के शेयर सबसे अधिक घाटे में रहे और 5.5% तक लुढ़क गए।
मार्केट एनालिस्ट्स ने बताया कि इस गिरावट के पीछे 3 प्रमुख कारण रहे-
1. ग्लोबल ट्रेड टैरिफ की चिंता
निवेशकों की भावनाओं को झटका तब लगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑटोमोबाइल सेक्टर पर नए टैरिफ लगाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सभी नए टैरिफ अप्रैल 2 तक लागू नहीं किए जाएंगे, लेकिन वेनेजुएला से तेल या गैस खरीदने वाले देशों पर 25% का सेकेंडरी टैरिफ लगाया जाएगा। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी टैरिफ नीतियों पर टिके हुए हैं। इससे निवेशक असमंजस की स्थिति में हैं और ट्रेड पॉलिसी को लेकर स्पष्टता मिलने तक नए सौदों से बच रहे हैं।
2. हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली
शेयर बाजारों में पिछले हफ्ते बीते 4 साल की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली थी। सोमवार को भी बाजार ने अपनी तेजी को बढ़ाया थआ, जिसके बाद उच्च स्तरों पर निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली देखने को मिली। एनालिस्ट्स का मानना है कि शॉर्ट-टर्म में बाजार की दिशा घरेलू मांग में सुधार और कंपनियों के तिमाही नतीजों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
बिकवाली के दबाव के चलते NSE के 13 में से 11 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में चले गए। सिर्फ निफ्टी प्राइवेट बैंक और आईटी सेक्टर मामूली बढ़त के साथ खुद को हरे निशान में बनाए रखने में सफल रहे।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान ने कहा, "शॉर्ट-टर्म में बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन अधिक खरीदी के कारण ऊंचे स्तरों पर बिकवाली हो रही है। निफ्टी के लिए 23,700-23,800 और सेंसेक्स के लिए 78,300-78,500 का स्तर अहम रेजिस्टेंस स्तर हैं। वहीं नीने की ओर 23,500-23,400 और 77,500-77,200 इसके लिए सपोर्ट के तौर पर काम करेंगे। अगर निफ्टी 23,300 और सेंसेक्स 76,900 से नीचे गिरता है, तो और गिरावट आ सकती है।"
कमजोर ग्लोबल संकेत
ग्लोबल मार्केट्स, खासतौर से एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। डॉव जोन्स फ्यूचर्स नेगेटिव जोन में कारोबार कर रहा था। वहीं, साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.5% गिरकर 2,617.11 पर, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 2.2% गिरकर 23,387.86 पर और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.2% गिरकर 3,364.05 पर बंद हुआ।
क्या कहता है टेक्निकल चार्ट?
टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, निफ्टी ने फरवरी में 23800 का उच्च स्तर बनाया था, जो अब इसके लिए मजबूत रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इसके बाद अगला रेजिस्टेंस 24,100 के स्तर पर है, जो इसके 200-दिन की सिंपल मूविंग एवरेज (DSMA) के मुताबिक है।
एंजेल वन के टेक्निकल एवं डेरिवेटिव रिसर्च हेड, समीत चव्हाण ने कहा, "जैसे-जैसे हम मंथली एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसमें ट्रेडर्स के लिए गिरावट पर खरीदारी के मौके मिल सकते हैं। मौजूदा परिस्थितियों में, स्टॉप-लॉस रणनीति अपनाना लाभदायक रहेगा ताकि बाजार की अस्थिरता के बीच मुनाफा सुरक्षित रखा जा सके।"
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