Get App

शेयर बाजार के लिए टैरिफ नहीं, यह है असली खतरा, ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने दी बड़ी चेतावनी

शेयर बाजार में पिछले 6 हफ्तों से लगातार गिरावट जारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है मानी जा रही है अमेरिकी टैरिफ। भारत अब दुनिया में सबसे ऊंचे अमेरिकी टैरिफ का सामने करने वाले देशों में से एक बन गया है। ट्रंप प्रशासन ने पहले से लागू 25% टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 25% आयात शुल्क लगा दिया है। यानी अब कुल टैरिफ 50% प्रतिशत हो गया है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Aug 12, 2025 पर 7:57 PM
शेयर बाजार के लिए टैरिफ नहीं, यह है असली खतरा, ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिका अभी सभी देशों से औसतन 18% टैरिफ वसूल रहा है

शेयर बाजार में पिछले 6 हफ्तों से लगातार गिरावट जारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है अमेरिकी टैरिफ। भारत अब दुनिया में सबसे ऊंचे अमेरिकी टैरिफ का सामना करने वाले देशों में से एक बन गया है। ट्रंप प्रशासन ने पहले से लागू 25% टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 25% आयात शुल्क लगा दिया है। यानी अब कुल टैरिफ 50% प्रतिशत हो गया है। लेकिन ब्रोकरेज फर्म नुवामा की मानें तो शेयर बाजार के सामने अमेरिकी टैरिफ से बड़ी एक और चुनौती है, और वो है ग्लोबल मंदी। नुवामा ने चेतावनी दी है कि ऊंचे टैरिफ तो चोट पहुंचाएंगे ही, लेकिन असली और बड़ी चोट आने वाले ग्लोबल स्लोडाउन से होगी।

ब्रोकरेज फर्म नुवामा का कहना है कि केवल टैरिफ के आधार पर सभी सेक्टर की विनर और लूजर्स कंपनियों की लिस्ट बनाने से शेयर मार्केट की चिंता खत्म होने वाली नहीं है। असली खतरा है अमेरिका के करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) में कमी, जो ग्लोबल लेवल पर एक अंसतुलन के साथ स्लोडाउन को जन्म दे सकती है।

नुवामा का कहना है कि भारत अगर अमेरिका से टैरिफ घटाने के लिए बातचीत में सफल भी हो जाए, तब भी ग्लोबल स्लोडाउन से भारत का एक्सपोर्ट को बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जैसे-जैसे अमेरिका का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) घटेगा, चीन की ओर से सस्ते दामों पर माल ‘डंप’ करने का खतरा बढ़ेगा, और इसका असर उन सेक्टर्स पर भी पड़ेगा जिनका अमेरिका से कोई सीधा लेना-देना नहीं है।

नुवामा ने सुझाव दिया कि इस हालात से निपटने के लिए RBI को तेजी से रेट कट यानी ब्याज दरों में कटौती करनी होगी और सरकार को वित्तीय प्रोत्साहन देना होगा। इसके अलावा रुपया कमजोर होना भी टैरिफ और डंपिंग का रोकने का एक बेहतर इलाज हो सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें