Stock Market Outlook : दिल्ली में आज CNBC आवाज़ की सबसे बड़ी आर्थिक महापंचायत जुट रही है। विकसित भारत के रोडमैप पर चर्चा के लिए दिल्ली में भारत इकोनॉमिक संवाद में पूरे दिन देश के दिग्गज पॉलिसी मेकर,इंडस्ट्री लीडर्स,इकोनॉमिस्ट और मार्केट दिग्गज जुटने वाले हैं। इस मौके पर सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने तमाम मार्केट दिग्गजों से बात की और उनसे बाजार और इकोनॉमी पर राय जानी। यहां हम कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स हुई बातचीत का संपादित अंश दे रहे हैं।
कोटक महिंद्रा AMC के MD नीलेश शाह की राय
नीलेश शाह का कहना है कि हमें पश्चिम एशिया संकट में नए अवसर पैदा करने होंगे। रिफॉर्म से विकसित भारत की नींव मजबूत होगी। विकसित भारत के लिए तकनीक में आत्मनिर्भर जरूरी है। विकसित भारत के लिए तेज रफ्तार से दौड़ना होगा। भारतीय टैलेंट से दूसरे देशों को फायदा लिया है। भारतीय टैलेंट ने दुनियाभर में कई बड़े काम किए हैं। अच्छे टैलेंट को देश में मौके देना होगा। भारत में इकोनॉमिक ओनरशिप और एंटरप्रेन्योर ओनरशिप घरेलू निवेशकों के पास रहना जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि हम लोगों का पैसा नहीं,विश्वास मैनेजमेंट करते हैं। एसेट अलोकेशन के धर्म का पालन करना चाहिए। मैक्रो न्यूज काफी खराब हैं,खराब समय में ही अच्छे भाव मिलते हैं। REITs भी निवेश का अलग विकल्प है। 5 लिस्टेड REITs ने 8,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। ग्लोबल इन्वेस्टिंग पर ध्यान देने की जरुरत है। आगे इंटरप्राइजेट AI के स्पेस बड़े बनेंगे।
HDFC AMC के MD & CEO नवनीत मुनोत ने कहा कि भारत उद्यमियों का देश रहा है। सोशल सिक्योरिटी,फाइनेंशियल,बैंकिंग और रियल एस्टेट में कई अहम रिफॉर्म किए गए हैं। विदेशी निवेशकों ने भारत से पैसे बनाए हैं। US में पिछले 40-50 साल से SIP कल्चर जारी है। भारतीय उद्यमियों को अब कैपिटल मिलने लगा है। बाजार में गिरावट का SIP के जरिए फायदा उठाएं। बाजार की गिरावट SIP के ज्यादा यूनिट मिलेंगे। भारत 15-20 साल में तेजी से आगे बढ़ेगा। 140 करोड़ की आबादी वाले देश में कई मौके हैं। हमें क्रूड-ऑयल पर निर्भरता कम करनी होगी। चिप और सेमीकंडक्टर स्पेस पर ध्यान होगा। भारत को विदेशी पूंजी की भी जरूरत है। युद्धस्तर पर अगले 5 साल काम करना जरूरी है। इनोवेशन फंड में नए थीम पर फोकस कर रहे हैं।
ट्रस्ट ग्रुप के फाउंडर एंड मेंटर उत्पल शेठ ने कहा कि निवेशक वहीं निवेश करेंगे जहां अच्छा रिटर्न मिलेगा। ग्लोबल निवेशकों को जहां बेहतर रिटर्न मिलेगा वहां जाएंगे। प्राइवेट इक्विटी कैपिटल और वेंचर कैपिटल में तेजी आई है। बाजार की गिरावट के क्या संकेत हैं,ये सोचना चाहिए। घरेलू मार्केट और कंजम्प्शन हमारी मजबूती है। मैन्युफैक्चरिंग में भारत थोड़ा कमजोर है। सिर्फ निगेटिव नहीं सोचना चाहिए,मजबूती पर भी ध्यान चाहिए। मार्केट फेयर वैल्यू पर है,लेकिन कुछ पॉकेट में काफी करेक्शन आया है। दुनिया में काफी उथल-पुथल है। IT सर्विसेज के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठा सकते। इस दौर में खूब पैसा बनेगा और बर्बाद भी होगा। कॉरपोरेट अर्निंग ग्रोथ बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। वैल्युएशन को सपोर्ट करने के लिए कॉरपोरेट अर्निंग ग्रोथ नहीं है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।