उल-जुलूल लेवल्स नहीं, हमने साफ कहा था– बाजार में एकतरफा गिरावट है। पहले बजट के दिन का निचला स्तर, फिर 24,300 और फिर कोई और लेवल आते ही गए। अब कोई नया लेवल आ जाएगा और कहीं से तो घूमेगा। नीचे के 8 और ऊपर के 8 लेवल दे दो, कहीं से तो घूमेगा। 24,300 के सपोर्ट से आज लोग 23,300 पर आ गए हैं और 3-4 दिन ऐसे रहे तो लोग 22,300 को सपोर्ट बोलेंगे, लेकिन सिर्फ CNBC-आवाज़ ने ही क्रिस्टल क्लियर नजरिया दिया था. साफ कहा गया था कि इस बाजार में बड़ा पैसा बेचकर बनेगा। ये बाजार लेवल्स वाला नहीं, सेंटिमेंट वाला है। इस बाजार में कोई भी बॉटम नहीं पकड़ पाएगा। रोज नया सपोर्ट लेवल बोलने से बॉटम नहीं बनेगा।
क्रूड 2022 के बाद पहली बार $100 के ऊपर बंद हुआ। ब्रेंट कल $101.66 के स्तर पर बंद हुआ था । US एनर्जी सेक्रेटरी ने कहा कि नेवी अभी टैंकर एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार नहीं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से एस्कॉर्ट करने को तैयार नहीं। महीने के अंत से एस्कॉर्ट शुरू करने की तैयारी है।
फारस की खाड़ी में तीन और विदेशी जहाजों पर हमला किया। कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया। ईरान ने कहा कि कच्चा तेल $200 का हो जाएगा। IEA 400 मिलियन बैरल तेल जारी करेगा लेकिन कब तक?
क्रूड पर Goldman Sachs की चेतावनी दी है। गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि स्ट्रेट मार्च तक बंद रहा तो क्रूड में और तेजी आएगी। तेल 2008 के रिकॉर्ड से भी ऊपर जा सकता है। ब्रेंट 2008 में $147.5/बैरल तक पहुंचा था।
क्रूड में तेजी से US मार्केट में बिकवाली आई। डाओ करीब 750 अंक गिरकर 47000 के नीचे बंद। S&P500 1.6%, नैस्डेक 1.8% गिरकर बंद हुए। तीनों इंडेक्स 2026 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ।
आखिर क्यों गिर रहे हैं हम इतना?
हमारे लिए सबसे बड़ा फैक्टर क्रूड में उबाल है। महंगाई बहुत तेजी से बढ़ने के सारे संकेत हैं। फरवरी में पहले से ही 2.74% से बढ़कर हम 3.21% पर आ गए और अभी तो महंगे तेल का असर दिखा तक नहीं है। अगर क्रूड ऐसे ही रहा तो महंगाई RBI के कम्फर्ट लेवल को पार कर जाएगी। साथ ही, इतनी बड़ी जंग में हमेशा एक रिस्क-ऑफ का माहौल होता है। भारतीय बाजार पहले ही एक bearish मार्केट में थे। निफ्टी में प्राइस करेक्शन भले ही छोटा हो, टाइम वाइज 1.5 साल हो चुके हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप तो पोर्टफोलियो का 40-50% उड़ा चुके हैं। बचा हुआ बेड़ा गर्क 2024 और 2025 के खराब IPOs ने किया। खराब IPOs को उनके चीयरलीडर्स ने जमकर पब्लिक को चिपकाया और ज्यादातर IPOs लिस्टिंग पॉप के बाद से 40-80% नीचे हैं। ऐसे में सेंटिमेंट काफी खराब है और अब अच्छे स्टॉक्स भी गिर रहे हैं।
बाजार: तो अब क्या हो रणनीति?
ट्रेडर हैं तो टिकर को अपना धर्म समझिए। ट्रेंड देखिए बाजार का, लॉन्ग में मत फंसिए। लॉन्ग करना भी है तो सिर्फ इंट्राडे के लिए। उसमें भी एकदम टाइट SL के साथ। लेकिन बड़ा पैसा बेचकर ही बन रहा है और बेचकर पैसा बनाने में कोई गुनाह नहीं है। जब तेजी की मार्केट आएगी तब बिंदास तेजी करेंगे। इस बाजार में हमें कोई हीरो नहीं बनना है और अब बैंक और NBFC गिरावट को लीड कर रहे हैं। IT देखिए – जहां कुछ लोगों ने बॉटम कहा, वहां से 4% नीचे है। गिरते बाजार में कोई बॉटम नहीं, चलते बाजार में कोई टॉप नहीं। इन्वेस्टर हैं तो पैनिक ना करें, हमने ये फेज देखे हैं। बस अच्छी क्वालिटी के शेयरों में ही रहें और गिरावट में पोजीशन जोड़ें लेकिन ध्यान रहे– आपके लेने के बाद भी शेयर शायद 10% गिरेंगे।
निफ्टी 23,500 को एक बार बचाने की कोशिश करेगा क्योंकि इसके बाद 23,000 का रास्ता खुल जाएगा। लेकिन 22,500 तक तो चार्ट साफ रास्ता दिखा रहा है। बीच-बीच में बड़ी शॉर्ट कवरिंग भी होगी। अभी 3-4 दिन पहले ही शॉर्ट कवरिंग में हम 24,600 तक गए थे। आपको ऐसी फेक रैलियों के फेल होने का इंतजार करना होगा। अगर 23,850 के ऊपर निकले तभी शॉर्ट कवर करने के बारे में सोचें। ओवरनाइट शॉर्ट पोजिशन्स को भी अब हेज करें।
बैंक निफ्टी में अभी 1500-2000 अंकों की गिरावट बाकी है । दिक्कत ये है कि बैंक निफ्टी को ट्रेड करना मुश्किल है। पुट काफी महंगे हैं और सिर्फ मंथ एंड के हैं और बीच-बीच में मंगलवार जैसी बड़ी रैली भी होगी। जहां रैलियां या रिकवरी फेल हों, वहीं शॉर्ट करें।
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