
ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बाजारों की शुरुआत सपाट हुई है। फिलहाल 9.30 बजे के आसपास निफ्टी 26.50 अंक यानी 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ 17830 के आसपास दिख रहा है। वहीं, सेंसेक्स 141.63 अंक यानी 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 60541.07 के स्तर पर दिख रहा है। पिछले कारोबारी दिन की बात करें तो सेंसेक्स 123 अंक की गिरावट के साथ 60683 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक डोजी पैटर्न बनाया था। ये बाजार में क्रेताओं और विक्रेताओं के बीच अनिश्चितता का संकेत है।
निफ्टी के लिए आज पहला सपोर्ट 17816 और उसके बाद दूसरे बड़े सपोर्ट 17798 और 17769 पर स्थित हैं। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17874 फिर 17892 और 17921 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी बाजार
शुक्रवार को नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ था। ट्रेजरी यील्डस की तरफ से ब्याज दरों में बढ़त के संकेत मिलने बाद मेगाकैप ग्रोथ स्टॉक दबाव में आ गए थे। मुनाफे में गिरावट के अनुमान के बाद राइड-हेलिंग फर्म Lyft के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 169.52 अंक या 0.5 फीसदी बढ़कर 33,869.4 पर, एसएंडपी 500 8.98 अंक या 0.22 फीसदी बढ़कर 4,090.48 पर और नैस्डैक कंपोजिट 71.46 अंक या 0.61 फीसदी गिरकर 11,718.12 पर बंद हुआ था।
एशियन मार्केट
एशियन मार्केट में भी आज कमजोरी देखने को मिल रही है। एसजीएक्स निफ्टी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 17,817.50 के स्तर पर दिख रहा है। वहीं, निक्केई 0.99 फीसदी की कमजोरी के साथ 27,398.73 के स्तर पर दिख रहा है। स्ट्रेट टाइम्स 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 3335.44 के स्तर पर दिख रहा है। वहीं, हैंगसैंग 0.47 फीसदी की कमजोरी के साथ 21090.70 के स्तर पर दिख रहा है। ताइवान के बाजार में भी 0.26 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। कोस्पी 0.71 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि शांघाई कम्पोजिट 0.53 फीसदी की बढ़त के साथ 3,278.07 के स्तर पर दिख रहा है।
यूएस कंज्यूमर सेंटिमेंट में सुधार,महंगाई में बढ़त की उम्मीद
शुक्रवार को आए एक सर्वे के नतीजों के मुताबिक अमेरिकी कंज्यूमर सेंटीमेंट सुधारा है और ये फरवरी में 13 महीने के उच्च स्तर पर रहा है। लेकिन आम उपभोक्ताओं की राय है कि अमेरिका में अगले 12 महीनों में महंगाी उच्च स्तर पर बनी रहेगी।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी
भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थातग निवेशकों की बिकवाली जारी है। इस महीने अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से 9600 करोड़ रुपए की बिकवाली हुई है। हालांकि 10 फरवरी को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1458.02 करोड़ रुपए की खरीदारी की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 291.34 करोड़ रुपए की बिकवाली की।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
13 फरवरी को NSE पर सिर्फ 2 स्टॉक Ambuja Cements और Indiabulls Housing Finance F&O बैन में हैं। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।
13 फरवरी को आने वाले नतीजे
आज यानी 13 फरवरी को FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स (Nykaa),ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्च कंपनी, श्री रेणुका शुगर्स, सेल, वॉकहार्ट, अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स, बजाज हेल्थकेयर, बजाज हिंदुस्तान शुगर, बीएफ यूटिलिटीज, बीजीआर एनर्जी सिस्टम्स, कैंपस एक्टिववियर, कैस्ट्रोल इंडिया, गोदरेज इंडस्ट्रीज, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, ग्रिंडवेल नॉर्टन, जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट, गुजरात गैस, जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया, हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस, हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन, हिंदवेयर होम इनोवेशन, हुडको, आईसीआरए, IFCI,इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया), IRB इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन, ISGEC हैवी इंजीनियरिंग, ITI,IVRCL,कृष्णा डायग्नोस्टिक्स, लैंडमार्क कार्स, लिबर्टी शूज, लिंडे इंडिया, ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज, मैकनेली भारत इंजीनियरिंग, MMTC,द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, एनएलसी इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शालीमार पेंट्स, टेक्समो पाइप्स एंड प्रोडक्ट्स और जुआरी इंडस्ट्रीज के दिसंबर तिमाही के नतीजे आने वाले हैं।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तीन सप्ताह के बाद गिरकर 575.27 अरब डॉलर पर आया
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार में करीब तीन सप्ताह के बाद गिरावट देखने को मिली है। 3 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 1.5 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिली है और ये 575.27 अरब डॉलर पर रहा है।
वित्त वर्ष 2024 का महंगाई पूर्वानुमान काफी कंजरवेटिव, तेल की कम कीमतों से मिल सकता है फायदा: RBI गवर्नर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने स्वीकार किया है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए केंद्रीय बैंक का महंगाई का पूर्वानुमान कंजरवेटिव है और कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के पक्ष में काम कर सकती हैं। 11 फरवरी को राजधानी में आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की बैठक के समापन पर बोलते हुए, दास ने कहा कि महंगाई के पूर्वानुमान में सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखा गया है।
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