Market news : बुधवार को भारतीय बाजारों के लिए ग्लोबल संकेत अच्छे नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty 24,200 के ऊपर ट्रेड कर रहा है जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और US-ईरान वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों के बीच अच्छे ग्लोबल संकेतों को देखते हुए फ्यूचर्स में भी बढ़त देखने को मिल रही है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
13 अप्रैल को भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव आ गये थे। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई बातचीत बिना किसी समझौते के ही खत्म हो गई। इसका असर बाजार पर देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 702.68 अंक या 0.91 प्रतिशत गिरकर 76,847.57 पर और निफ्टी 207.95 अंक या 0.86 प्रतिशत गिरकर 23,842.65 पर बंद हुआ।
सुबह 08:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 346 अंक यानी 1.43 फीसदी की बढ़त के साथ 24,223.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।
एशियाई शेयर बाज़ारों में चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। गिफ्ट निफ्टी 346 अंक यानी 1.43 फीसदी की बढ़त के साथ 24,223.50 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 0.65 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.46 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.05 फीसदी और ताइवानी बाजार में 1.74 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 3 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.24 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।
कल Nasdaq 2% ऊपर चढ़ा,जबकि S&P 500 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ और अपने रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई के करीब पहुंच गया। S&P 500 में 81.14 अंकों, यानी 1.18% की बढ़त दर्ज की गई और यह 6,967.38 पर बंद हुआ।
बुधवार को अमेरिकी डॉलर छह हफ़्ते के निचले स्तर के करीब बना रहा। मध्य-पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से इसने जो भी बढ़त हासिल की थी,वह लगभग पूरी तरह से गंवा दी। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के एक और दौर के संकेतों ने निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा को बढ़ा दिया है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.12 पर दिख रहा है।
US ट्रेजरीज़ मज़बूत हुईं है। बेंचमार्क 10-ईयर बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट गिरकर 4.24% पर आ गई। वहीं, 2-ईयर बॉन्ड यील्ड 3.73 पर आ गई है।
इंडोनेशियाई रुपिया,दक्षिण कोरियाई वॉन और जापानी येन को छोड़कर,बुधवार को शुरुआती कारोबार में बाकी सभी एशियाई मुद्राएं बढ़त के साथ कारोबार कर रही थीं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
13 अप्रैल को, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 1,983 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,400 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे।