Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market Today : बुधवार को वॉल स्ट्रीट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों,US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फैसले और बाज़ार बंद होने के बाद जारी हुई चार बड़ी कंपनियों की कमाई के आंकड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे
Stock market news : कुछ फेडरल रिज़र्व नीति निर्माताओं के सख़्त रुख अपनाने के बाद डॉलर दो हफ्तों से ज़्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना रहा,जिससे यील्ड एक महीने के हाई पर पहुंच गई
Market news : भारतीय इक्विटी बेंचमार्क BSE सेंसेक्स और Nifty 30 अप्रैल को कमज़ोर शुरुआत कर सकते हैं। GIFT Nifty से भी यही संकेत मिल रहे हैं, जो अभी 24,163.50 के आस-पास लाल निशान में ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
पिछले सत्र की गिरावट के बाद,29 अप्रैल को भारतीय बाज़ार में ज़ोरदार वापसी हुई। Nifty ने मई सीरीज़ की शुरुआत मजबूती से की और 24,334.70 के इंट्राडे हाई को छुआ। इसे सभी सेक्टर्स और पूरे बाजार में हुई व्यापक खरीदारी का समर्थन मिला। अच्चे नतीजों ने भी बाजार में जोश भरा। हालांकि,ऊपरी स्तरों पर प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण बढ़त कुछ कम हो गई और अंततः निफ़्टी 181.95 अंक या 0.76% की बढ़त के साथ 24,177.65 पर बंद हुआ। वहीं,BSE सेंसेक्स 609.45 अंक या 0.79% की बढ़त के साथ 77,496.36 पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी
सुबह 8.34 बजे के आसपास GIFT Nifty 160.50 अंक यानी 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ 24,085 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए खराब संकेत है।
एशियाई बाजार
एशियाई बाजार कमजोर कारोबार कर रहे हैं। GIFT Nifty 160.50 अंक यानी 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ 24,085 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 1.18 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि स्ट्रेट टाइम्स 0.74 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में भी 1.39 फीसदी की गिरावट है। वहीं,ताइवानी बाजार में 0.45 फीसदी की बढ़त दिख रही है। कोस्पी में 0.22 फीसदी की कमजोरी है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.10 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।
बुधवार को वॉल स्ट्रीट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों,US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फैसले और बाज़ार बंद होने के बाद जारी हुई चार बड़ी कंपनियों की कमाई के आंकड़ों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 280.12 अंक या 0.57% गिरकर 48,861.81 पर आ गया। S&P 500 में 2.82 अंक या 0.04% की गिरावट आई और यह 7,135.98 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 9.44 अंक या 0.04% बढ़कर 24,673.24 पर पहुंच गया।
डॉलर इंडेक्स
कुछ फेडरल रिज़र्व नीति निर्माताओं के सख़्त रुख अपनाने के बाद डॉलर दो हफ्तों से ज़्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर के करीब बना रहा,जिससे यील्ड एक महीने के हाई पर पहुंच गई। वहीं जापानी येन के 160 के स्तर को पार करने से सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों पर फोकस और बढ़ गया। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 98.89 पर दिख रहा है।
US बॉन्ड यील्ड
10-ईयर ट्रेजरी पर यील्ड 1 बेसिस पॉइंट फिसलकर 4.42% पर आ गई,जबकि 2-ईयर ट्रेजरी पर यील्ड 2 बेसिस पॉइंट गिरकर 3.92% पर पहुंच गई।
एशियाई करेंसीज
शुरुआती कारोबार में एशियाई मुद्राओं ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मिला-जुला प्रदर्शन किया। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज़्यादा गिरा,जिसमें 0.479% की गिरावट दर्ज की गई।मलेशियाई रिंगिट 0.245% गिरा,ताइवान डॉलर 0.183% गिरा और फिलीपीन पेसो 0.143% गिरा। इसके विपरीत,दक्षिण कोरियाई वॉन सबसे ज़्यादा फायदे में रहा, जिसमें 0.188% की बढ़त हुई। इसके बाद जापानी येन रहा,जिसमें 0.112% की मजबूती आई। सिंगापुर डॉलर में भी 0.078% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। जबकि थाई बहत लगभग सपाट रहा।
कच्चे तेल में तेजी
गुरुवार को तेल की कीमतों में और तेजी आई है,क्योंकि इस बात की चिंता बढ़ गई है कि मध्य-पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र से आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रह सकती है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के युद्ध को खत्म करने की बातचीत गतिरोध का शिकार हो गई है। WTI क्रूड में 0.35 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 1.50 फीसदी की बढ़त है।
सोने-चांदी में बढ़त
गुरुवार को सोने की कीमतों में पिछले दिन के एक महीने के निचले स्तर से सुधार आया। इसमें कमज़ोर अमेरिकी डॉलर से मदद मिली,हालांकि तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंकाओं को जिंदा रखा है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.43 फीसदी और सिल्वर में 1.7 फीसदी की बढ़त आई है।
FII और DII फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 अप्रैल को लगातार आठवें सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 2,468 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,262 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाज़ार को सहारा देना जारी रखा, जिससे FIIs की लगातार हो रही बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।