Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के 18 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 24,092.50 के आसपास हरे निशान में ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
17 जून को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी बनी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी और बाजार में लगातार बनी मजबूती के कारण निफ्टी 24,050 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 347.14 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 77,155.62 पर और निफ्टी 96.55 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 24,085.70 पर बंद हुआ।
सुबह 07:45 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 108.50 अंक यानी 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 24,065.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। यह सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।
एशियाई शेयर बाजारो में तेजी देखने को मिल रही है। गिफ्ट निफ्टी 108.50 अंक यानी 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 24,065.50 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं,जापान के निक्केई में 1.89 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.04 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.61 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। वहीं, ताइवानी बाजार में 0.86 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी 0.76 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.04 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।
बुधवार को S&P 500 और नैस्डैक 1% से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व का अगला कदम ब्याज दरें बढ़ाना होगा, क्योंकि नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने महंगाई को काबू में करने की जरूरत पर जोर दिया है और दूसरे पॉलिसी मेकर्स ने भी इस साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ने का अनुमान जताया है।
ऐसे में लगातार दो सेशन में रिकॉर्ड-हाई क्लोजिंग के बाद डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 507.12 पॉइंट या 0.98% गिरकर 51,492.55 पर और S&P 500 इंडेक्स 91.25 पॉइंट या 1.21% गिरकर 7,420.10 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कंपोजिट 354.69 अंक या 1.34% गिरकर 26,021.66 पर बंद हुआ।
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के पॉलिसी रेट को जस का तस रखने,लेकिन अपने बयान से नरमी का रुख हटाने और 18 में से नौ पॉलिसी-मेकर्स के इस साल रेट बढ़ाने का अनुमान लगाने के बाद डॉलर दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.27 पर दिख रहा है।
अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा घटकर 4.46% हो गई और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 1.7 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.16% पर आ गई।
आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में कमजोरी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरियाई वॉन का प्रदर्शन सबसे खराब नजर आ रहा है। इसमें 0.61 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद मलेशियन रिंगित का नंबर रहा,जिसमें 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फिलीपीन पेसो में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि इंडोनेशियाई रुपिया और ताइवान डॉलर में 0.21 प्रतिशत और 0.16 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। चीनी रेनमिनबी और जापानी येन में मामूली गिरावट ( 0.06 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत)आई है।
तेजी वाली करेंसी में थाई बहत 0.05 प्रतिशत और सिंगापुर डॉलर 0.03 प्रतिशत मजबूत हुआ है। ये ही ऐसी करेंसी हैं जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ी मजबूत दिख रही हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
17 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार रहे। इन्होनें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट खरीदार बने रहे और उन्होंने सेशन के दौरान 1,561 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया।