Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market Today : सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है
Stock market news : छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है
Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी
सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजार
एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।
सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।
डॉलर इंडेक्स
छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।
US बॉन्ड यील्ड
अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।
एशियन करेंसी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।
उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।
कच्चा तेल सपाट
पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।
सोना सपाट
मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।
विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर
22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।