Market news : भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स,BSE सेंसेक्स और Nifty 8 मई को कमजोर शुरुआत कर सकते हैं। इसका संकेत GIFT Nifty से मिलरहा है,जो लगभग 24,295 के स्तर के आसपास लाल निशान में कारोबार कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
गुरुवार (7 मई) को एक और उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों के बाद भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते Nifty 24,330 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 114 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,844.52 पर और Nifty 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,326.65 पर बंद हुआ।
सुबह 7.40 बजे के आसपास GIFT Nifty 117.50 अंक यानी 0.48 फीसदी की गिरावट के साथ 24,278 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए खराब संकेत है।
एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। GIFT Nifty 117.50 अंक यानी 0.48 फीसदी की गिरावट के साथ 24,278 के आसपास कारोबार कर रहा है। निक्केई में 0.81 फीसदी की गिरावट दिख रही है। स्ट्रेट टाइम्स में 0.65 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। हैंग सेंग में भी 1.20 फीसदी की गिरावट है। वहीं,ताइवानी बाजार में 0.04 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। कोस्पी में भी 1.39 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है। शांघाई कंपोजिट में 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है।
गुरुवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। हालिया तेज़ी के बाद Intel और दूसरे चिप शेयरों में नरमी देखने को मिली। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता का असर पूरे बाजार पर पड़ा। S&P 500 में 0.38% की गिरावट आई और यह 7,337.11 अंकों पर बंद हुआ। Nasdaq 0.13% गिरकर 25,806.20 अंकों पर आ गया, जबकि डाओ जोन्स 0.63% की गिरावट के साथ 49,596.97 अंकों पर बंद हुआ।
डॉलर इंडेक्स में बढ़त देखने को मिली है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते एनर्जी एक्सपोर्ट को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है। इसका फायदा डॉलर को मिला। फिलहाल,डॉलर इंडेक्स 98.24 पर दिख रहा है।
अमेरिका में 10-ईयर और 2-ईयर ट्रेजरी यील्ड मामूली रूप से गिरकर 4.38% और 3.90% हो गई है।
इंडोनेशियाई रुपया 0.312% मज़बूत दिख रहा। यह लिस्टेड एशियाई मुद्राओं में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनकर उभरा है। वहीं दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.562% की तेज गिरावट आई है,जिससे यह इस समूह की सबसे कमजोर मुद्रा बन गई। फिलीपींस पेसो 0.401% कमज़ोर हुआ है। थाई बहत में 0.022% की मामूली गिरावट आई है और ताइवान डॉलर 0.134% गिरा है। वहीं जापानी येन लगभग सपाट है जिसमें 0.006% की मामूली बढ़त देखने को मिल रही है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में तेजी आई। अमेरिका और ईरान के बीच गोलीबारी हुई है और मध्य-पूर्व में एक महीने से चल रहे संघर्ष-विराम पर संदेह पैदा हो गया है। इसका असर क्रूड पर देखने को मिला है। फिलहाल WTI क्रूड में 1.03 फीसदी और ब्रेंट क्रूड में 1.21 फीसदी की तेजी है।
सोने-चांदी की चाल पर एक नजर
सोने की कीमतें मजबूत दिख रही हैं। अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमलों की खबरों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के सौदे को लेकर बनी उम्मीदें फीकी पड़ गई हैं। इससे महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.69 फीसदी की तेजी है। वहीं,सिल्वर में 1.95 फीसदी की तेजी आई है।
7 मई को,भारतीय इक्विटी बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधि मिली-जुली रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा,हालांकि यह मामूली ही था। उन्होंने 340 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को सपोर्ट देते दिखे। इन्होंने 441 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।