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Stock Market View : नियर टर्म में बाजार में और कमजोरी आने के संकेत, 23200 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट

Stock Market View : तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि यह अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,डेली RSI भी बेयरिश जोन में बना हुआ है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Sep 22, 2026 पर 5:01 PM
Stock Market View : नियर टर्म में बाजार में और कमजोरी आने के संकेत, 23200 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट
Stock Market outlook : बैंकिंग बेंचमार्क बैंक निफ्टी पिछले नौ ट्रेडिंग सेशन से लगभग 1300 पॉइंट्स की सीमित रेंज में ही घूम रहा है। यह इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है

Stock Market View : बाजार पर बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि हफ़्ते की एक्सपायरी के दिन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया और ज़्यादातर समय इसमें बिकवाली का दबाव देखने को। हालांकि,आखिरी घंटे में आई थोड़ी रिकवरी से इंडेक्स को नुकसान कुछ कम करने में मदद मिली। आखिरकार यह 0.36% गिरकर 23329 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक 'बेयरिश कैंडल' बनाई, जो निकट भविष्य में और कमजोरी आने का संकेत है।

तकनीकी रूप से देखें तो निफ्टी पर दबाव बना हुआ है क्योंकि यह अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा,डेली RSI भी बेयरिश जोन में बना हुआ है,जो कमजोर मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी में शामिल कंपनियों में कोल इंडिया और एटरनल सबसे ज्यादा बढ़त वाली कंपनियां रहीं,जबकि टाटा कंज्यूमर और नेस्ले इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया,जबकि निफ्टी IT और निफ्टी सीमेंट में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही,ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 दोनों ही गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार का दायरा कमजोर रहा क्योंकि एडवांस/डिक्लाइन रेश्यो में गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। निफ़्टी 500 में शामिल 306 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पूरे बाजार में बड़े पैमाने पर बिकवाली का दबाव साफ पता चलता है।

आगे 23450-23500 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स लगातार 23500 के ऊपर लगातार बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में चल रही पुलबैक रैली 23650 के लेवल तक बढ़ सकती है।

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