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Stock markets: चार महीने लंबे गिरावट के दौर के बाद भारतीय बाजार फिर से तेजी पकड़ने को तैयार

2023 में भारतीय बाजार ने एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन किया है। दुनियाभर में मौद्रिक नीतियों में आ रही कड़ाई और अदाणी समूह के शेयरों की पिटाई के चलते भारतीय बाजार काफी दबाव में रहे हैं। लेकिन कई रणनीतिकारों का मानना है कि अब सस्ते मूल्यांकन और मजबूत घरेलू सपोर्ट के चलते भारतीय बाजार फिर से पटरी पर लौटने को तैयार हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 31, 2023 पर 3:47 PM
Stock markets: चार महीने लंबे गिरावट के दौर के बाद भारतीय बाजार फिर से तेजी पकड़ने को तैयार
विदेशी निवेशक भी फिर से भरतीय बाजारों की तरफ रुख करते दिख रहे हैं। नवंबर के बाद पहली बार विदेशी निवेश भारतीय बाजार में नेट बॉयर बने हैं

Market outlook: भारतीय इक्विटी मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स पिछले दो दशकों के अपने सबसे लंबे मंथली लॉस की दौर की तरफ जाते दिख रहे हैं। इसके बवाजूद कुछ एनालिस्ट्स का मनना है कि अब 3 लाख करोड़ रुपए का ये बाजार बाउंसबैक के लिए तैयार हो रहा है। NSE Nifty 50 इंडेक्स अपने लगातार चौथे मासिक गिरावट की और बढ़ रहा है। ये 2001 के बाद का इसका मंदी का सबसे लंबा दौर है। इस अवधि में निफ्टी में करीब 9 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, इसी अवधि में MSCI एशिया पैसेफिक इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।

पिछले दो सालों के आउटपरफॉर्मेंश के बाद, 2023 में भारतीय बाजार ने एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन किया है। दुनियाभर में मौद्रिक नीतियों में आ रही कड़ाई और अदाणी समूह के शेयरों की पिटाई के चलते भारतीय बाजार काफी दबाव में रहे हैं। लेकिन कई रणनीतिकारों का मानना है कि अब सस्ते मूल्यांकन और मजबूत घरेलू सपोर्ट के चलते भारतीय बाजार फिर से पटरी पर लौटने को तैयार हैं।

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