stock markets: इनवेस्टर्स को चिंता करने की जरूरत नहीं, मार्केट मौजूदा लेवल से ज्यादा नहीं गिरेगा

वाटरफील्ड एडवाइजर्स के विवेक राजारमन ने कहा कि मार्केट की वैल्यूएशन ठीक दिख रही है। प्राइस टू अर्निंग्स और प्राइस टू बुक्स दोनों ही लिहाज से मार्केट की वैल्यूएशन सही है। इसके अलावा इकोनॉमी की स्थिति अच्छी है। मार्केट में अच्छा निवेश आ रहा है। ऐसे में मार्केट के यहां से ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है

अपडेटेड Jun 07, 2025 पर 5:13 PM
हाल में स्टॉक मार्केट्स में रौनक लौटी है। निफ्टी फिर से 25000 के पार हो गया है। सेंसेक्स भी 82,000 से ऊपर चल रहा है।

पिछले कुछ सत्रों में इंडियन मार्केट में अच्छी तेजी देखने को मिली है। निफ्टी फिर से 25000 के पार हो गया है। सेंसेक्स भी 82,000 से ऊपर चल रहा है। इनवेस्टर्स को इस तेजी के बाद गिरावट का डर सता रहा है। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ महीनों में निफ्टी 25,000 के पार जाते ही गिरने लगता है। वाटरफील्ड एडवाइजर्स के विवेक राजारमन की मानें तो मार्केट में यहां से ज्यादा गिरावट का अनुमान नहीं है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने स्टॉक मार्केट और इनवेस्टमेंट के बारे में कई बातें बताईं।

मार्केट की वैल्यूएशन सही लेवल पर

राजारमन ने कहा कि मार्केट की वैल्यूएशन ठीक दिख रही है। प्राइस टू अर्निंग्स और प्राइस टू बुक्स दोनों ही लिहाज से मार्केट की वैल्यूएशन सही है। इसके अलावा इकोनॉमी की स्थिति अच्छी है। मार्केट में अच्छा निवेश आ रहा है। ऐसे में मार्केट के यहां से ज्यादा नीचे जाने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में अर्निंग्स ग्रोत 7.4 फीसदी रही है जो उम्मीद से ज्यादा है। इससे इकोनॉमी के रफ्तार में आने की क्षमता का पता चलता है। FY26 में ग्रोथ 6.3 से 6.8 फीसदी के बीच रह सकता है।


प्राइवेट बैंकों में अच्छी तेजी दिखी है

उन्होंने कहा कि प्राइवेट बैंकों की वैल्यूएशन प्राइस टू बुक का 2-3.3 गुना है। यह पांच साल के एवरेज के करीब है। एक्सिस बैंक को छोड़क ज्यादातर बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों में बीते एक साल में अच्छी तेजी दिखी है। अब यहां से आगे ग्रोथ अर्निंग्स ग्रोथ पर निर्भर करेगी। सरकारी बैंकों का प्रदर्शन प्राइवेट बैंकों के मुकाबले अच्छा रहा है।

डिफेंस सेक्टर में प्राइवेट हिस्सेदारी बढ़ेगी

डिफेंस कंपनियों के शेयरों के ट्रेंड के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से इंडिया का डिफेंस सेक्टर काफी महत्वाकांक्षी दिखता है। सरकार डिफेंस के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहती है। इसके लिए इस सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर फोकस है। फिलहाल डिफेंस सेक्टर में सरकारी कंपनियों का दबदबा है। लेकिन, धीरे-धीरे प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। अभी सरकारी कंपनियों की इस सेक्टर में 70 फीसदी हिस्सेदारी है।

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हाई वैल्यू वाले शेयरों में निवेश घटाने की सलाह

निवेशकों को आपकी क्या सलाह होगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अभी हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स में निवेश घटाना ठीक रहेगा। मिडकैप स्टॉक्स इसके उदाहरण हैं। उनका पीई 34 गुना चल रहा है, जबकि निफ्टी 50 स्टॉक्स का पीई 24 गुना चल रहा है। इंडिया में शेयरों की हाई वैल्यूएशन के पीछ कई वजहें हैं। पहला इस मार्केट में लिक्विडिटी ज्यादा है। ग्रोथ की संभावनाएं अच्छी हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इंडियन मार्केट ओपन है। ऐसा लगता है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा।

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