Stock to Buy: अगर जोरदार मुनाफा वाले किसी शेयर की तलाश में हैं तो आप रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर दांव लगा सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने इस शेयर के लिए 1,710 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर अपने मौजूदा प्राइस से 53 फीसदी चढ़ सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 1 अगस्त को तेजी दिखी। 1:45 बजे शेयर 2.04 फीसदी चढ़कर 1,303 रुपये पर चल रहा था। जेफरीज ने कहा है कि मध्यपूर्व में टेंशन की वजह से ग्लोबल रिफाइनरी वॉल्यूम में कमी आई है। इससे डीजल और पेट्रोल की इनवेंट्रीज पांच साल के सबसे कम लेवल पर पहुंच गई है। इस वजह से सिंगापुर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) अब तक के सबसे हाई लेवल के करीब बनी हुई है।
जेफरीज का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर इस पूरे साल दबाव बना रहेगा। ब्रोकरेज फर्म का यह भी कहना है कि मजबूत पेट्रोकेमिकल स्प्रेड्स से FY27 में रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की अर्निंग्स ग्रोथ को भी सपोर्ट मिलेगा। उसने कहा है कि RIL में इसकी लॉन्ग टर्म एवरेज वैल्यूएशन से वन स्टैंडर्ड डेविएशन नीचे ट्रेडिंग हो रही है। यह इस बात का संकेत है कि इसका रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल फेवरेबल है। FY26-29 के दौरान EBITDA का CAGR 10 फीसदी रह सकता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों को कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से 33 ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। सिर्फ एक एनालिस्ट ने इस शेयर पर 'सेल' रेटिंग यानी बेचने की सलाह दी है। बीते एक साल में यह शेयर 3.81 फीसदी गिरा है। इस साल यानी 2026 में इसमें अब तक 17 फीसदी गिरावट आई है।
शेयर बाजारों में 1 सितंबर को काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह में बाजार खुले। फिर दोपहर में अच्छी रिकवरी आई। लेकिन, उसके बाद फिर से निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में चले गए। 2 बजे निफ्टी 0.49 फीसदी नीचे चल रहा था। सेंसेक्स में भी 0.35 फीसदी यानी 272 अंक की गिरावट दिखी।