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Stocks to BUY: HSBC ने इन 3 मेटल शेयरों पर जताया भरोसा, 30% तक मिल सकता है रिटर्न

Stocks to BUY: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने मेटल सेक्टर को लेकर बुलिश नजरिया अपनाया है। ब्रोकरेज ने हिंदुस्तान जिंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी के शेयरों को 'Buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि इन शेयरों में मौजूदा स्तर से 30 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल सकता है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Jan 24, 2026 पर 11:06 PM
Stocks to BUY: HSBC ने इन 3 मेटल शेयरों पर जताया भरोसा, 30% तक मिल सकता है रिटर्न
Stocks to Buy: HSBC ने हिंदुस्तान जिंक को “होल्ड” से बढ़ा कर “Buy” कर दिया है

Stocks to BUY: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने मेटल सेक्टर को लेकर बुलिश नजरिया अपनाया है। ब्रोकरेज का मानना है कि सप्लाई की कमी, इंडस्ट्रिलय मांग में मजबूती और उभरती तकनीकों में रणनीतिक अहमियत के चलते मेटल्स आने वाले समय में निवेश के लिए आकर्षक बने रहेंगे। इसी आधार पर HSBC ने हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (Hindalco Industries) और नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी (NALCO) को लेकर अपनी सिफारिशें दोहराईं या अपग्रेड की हैं और इनमें मौजूदा स्तर से 30 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताया है।

HSBC के मुताबिक, 2026 में मेटल कीमतों को प्रभावित करने वाले कई बड़े मैक्रो और मार्केट फैक्टर मौजूद हैं। इनमें सबसे अहम है सप्लाई कंस्ट्रेंट्स। कई मेटल्स में उत्पादन की कमी के चलते मांग और सप्लाई के बीच अंतर बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम और जिंक जैसे मेटल्स में यह सप्लाई शॉर्टफॉल ज्यादा स्पष्ट है, जिससे इनकी कीमतों में मजबूती बने रहने की संभावना है।

इसके अलावा, एनर्जी ट्रांजिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों में तेजी से बढ़ती जरूरत भी मेटल डिमांड को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। जैसे-जैसे दुनिया भर के देश रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रहे हैं, एल्यूमिनियम, कॉपर और जिंक जैसे मेटल्स की मांग में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है। HSBC का मानना है कि यह मांग केवल मौसमी नहीं, बल्कि फंडामेंटली मजबूत है।

ब्रोकरेज ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ मेटल्स एक संभावित “सुपर-साइकिल” में प्रवेश कर चुके हैं। इसका मतलब यह है कि इन मेटल्स में लंबे समय तक औसत से कहीं ज्यादा मांग बनी रह सकती है और कीमतें भी कई सालों तक ऊंचे स्तर पर टिक सकती हैं। ऐसे माहौल में मेटल कंपनियों की कमाई और वैल्यूएशन दोनों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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