Sumax Engineering IPO Listing: ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए प्रोडक्ट्स बनाने और बेचने वाली सुमैक्स इंजीनियरिंग के शेयरों की आज NSE SME पर कमजोर मार्केट में भी शानदार एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे करीब 163 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹101 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹111.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 9.90% का लिस्टिंग गेन (Sumax Engineering Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े।
उछलकर यह ₹113.00 (Sumax Engineering Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.88% मुनाफे में हैं। मार्केट में माहौल की बात करें तो शुरुआती कारोबार में ही आज सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी भी फिसलकर 23800 के नीचे आ गया था।
Sumax Engineering IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
सुमैक्स इंजीनियरिंग का ₹53 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-28 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 162.94 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 121.28 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 270.70 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 158.98 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹44 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 9.96 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹4.89 करोड़ राजस्थान में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹16.62 करोड़ हरियाणा में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹5.80 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹4.03 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Sumax Engineering के बारे में
सुमैक्स इंजीनियरिंग ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। यह दो तरीके से काम करती है, एक तो खुद प्रोडक्ट्स बनाती है और दूसरे किसी और से प्रोडक्ट्स खरीदकर खुद बेचती है। इसका मुख्य कस्टमर बेस ऑटोमोटिव ओईएम और ऑटो रिफिनिश मार्केट है।
यह एढेसिव टेप और डाई कट्स, प्री-टेप्ड मास्किंग फिल्म्स, रबिंग और पॉलिशिंग कंपाउंड्स, बफिंग और फोम पैड्स, रिफ्लेक्टिव टेप्स, डोम्स औ ग्राफिक्स और कार केयर प्रोडक्ट्स बनाती है तो यह इलेक्ट्रिकल टूल्स, न्यूमैटिक टूल्स, एबरेसिव शीट्स/डिस्क/रोल्स, बॉडी शॉप कंज्यूमेबल्स, रिटेल प्रोडक्ट्स, एक्सेसरीज और ऐरोसॉल प्रोडक्ट्स दूसरी कंपनियों से खरीदकर खुद बेचती है।
इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हरियाणा और तमिलनाडु में हैं। कंपनी का कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है और इसके प्रोडक्ट्स का थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस, टर्की, चीन, वियतनाम, अमेरिका, सऊदी अरब और ताइवान को निर्यात होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 31% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹12.76 करोड़ और टोटल इनकम 6% से अधिक के सीएजीआर से ₹148.34 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹13.06 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹46.88 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।