Suzlon Energy Share Price: इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू इक्विटी मार्केट इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 रेड और ग्रीन जोन में झूलते रहे और दिन के आखिरी में गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं दूसरी तरफ विंड टर्बाईन बनाने वाली कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयर दिन भर ग्रीन जोन में बने रहे और शुरुआती उठा-पटक के बाद आखिरी घंटे के कारोबार में अपर सर्किट पर चले गए और इसी लेवल पर बंद भी हुए। यह तेजी एक ब्लॉक डील के चलते आई। ब्लॉक डील के चलते बने पॉजिटिव माहौल में सुजलॉन के शेयर आज BSE पर 5 फीसदी की तेजी के साथ 53.04 रुपये के भाव पर बंद हुए हैं जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो इसके शेयर अभी और ऊपर चढ़ सकते हैं।
इस ब्लॉक डील ने बढ़ाई सुजलॉन की तेजी
आज सुजलॉन के शेयरों में तेजी की अहम वजह एक ब्लॉक डील रही। इस ब्लॉक डील के तहत 3.7 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ जो कंपनी की 0.3 फीसदी इक्विटी होल्डिंग के बराबर है। एक्सचेंजों पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक यह सौदा करीब 179 करोड़ रुपये का पड़ा।
किस भाव तक पहुंचा सकता है Suzlon?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनले ने हाल ही में सुजलॉन एनर्जी की कवरेज शुरू की है और इसे ओवरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने इसमें निवेश का टारगेट 58.5 रुपये पर फिक्स किया है। इसे ट्रैक करने वाले कम से कम पांच एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसे 60 रुपये का टारगेट दिया है।
शेयरहोल्डर्स को मिलेगा डिविडेंड का तोहफा?
सुजलॉन के शेयर इस साल अब तक करीब 39 फीसदी उछल चुके हैं। अगर इसकी तेजी बरकरार रहती है तो यह लगातार पांचवां साल होगा, जब इसके शेयर पॉजिटिव जोन में बंद होंगे। यह वर्ष 2020 से ही सालाना पॉजिटिव रिटर्न दे रहा है। हालांकि डिविडेंड को लेकर बात करें तो नेट कैश बैलेंस शीट के बावजूद अभी इसके आसार नहीं दिख रहे हैं। मार्च तिमाही के अर्निंग्स कॉल के दौरान सुजलॉन के मैनेजमेंट ने संकेत दिया था कि इसे लेकर विचार किया जा सकता है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी हिमांशू मोदी ने कहा था कि कंपनी का एक बिजनेस प्लान है जो इस वित्त वर्ष 2025 में हासिल हो सकता है। इसके बाद डिविडेंड जैसे प्रस्ताव पर विचार हो सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।