Suzlon Energy Share: सुजलॉन का बिजनेस मजबूत, फिर शेयरों में तेजी क्यों नहीं? ब्रोकरेज ने बताई बड़ी वजह

Suzlon Energy Share: सुजलॉन का बिजनेस मॉडल मजबूत है। लेकिन, कुछ रिस्क के कारण शेयर में शॉर्ट टर्म में तेजी की संभावना सीमित है। Ventura ने Hold रेटिंग दी है, जबकि कुछ ब्रोकरेज अब भी लंबी अवधि में भरोसा जता रहे हैं। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Dec 23, 2025 पर 6:55 PM
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Ventura ने Suzlon पर ‘Hold’ रेटिंग दी है। इसने 56 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है।

Suzlon Energy Share: घरेलू ब्रोकरेज फर्म Ventura Securities ने Suzlon Energy Ltd. को लेकर अपनी नई रिपोर्ट साझा की है। Ventura का मानना है कि Suzlon एक मजबूत और टिकाऊ विंड एनर्जी कंपनी है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन पर निकट अवधि में अपसाइड सीमित नजर आता है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, ऊंचे स्तरों पर एक्जीक्यूशन से जुड़े जोखिम निवेशकों की धारणा को कमजोर कर सकते हैं। साथ ही, स्टॉक के ज्यादातर पॉजिटिव फैक्टर्स पहले ही कीमत में शामिल हो चुके हैं।

स्थिर कमाई, लेकिन वर्किंग कैपिटल की चुनौती


Ventura के मुताबिक, Suzlon का ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (OMS) बिजनेस कंपनी की बड़ी ताकत है। यह बिजनेस 15.1 GW की एसेट्स को मैनेज करता है। इससे कंपनी को स्थिर रेवेन्यू मिलता है। FY26 में इसमें ग्रोथ की उम्मीद भी जताई गई है।

हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव होने के कारण वर्किंग कैपिटल का दबाव बना रहता है। इन जोखिमों को संभालने के लिए Suzlon ने 7,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंड बेस्ड फैसिलिटीज जुटाई हैं।

सुजलॉन के पास किस बात का एडवांटेज

Suzlon एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है। इसमें टर्बाइन कंपोनेंट्स के निर्माण से लेकर इंस्टॉलेशन और लंबे समय तक ऑपरेशन व मेंटेनेंस तक सब शामिल है।

कंपनी की S144 3.15 MW टर्बाइन लो-विंड कंडीशंस में मजबूत मानी जाती है। Ventura का कहना है कि प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए निरंतर इनोवेशन और स्केलिंग बेहद जरूरी होगी।

भारतीय विंड एनर्जी सेक्टर में बड़ा अवसर

ब्रोकरेज का आकलन है कि भारत का विंड एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ने की स्थिति में है। FY26 में 6 GW और 2030 तक 100 GW नई क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर और विंड टर्बाइनों पर GST को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना, इस सेक्टर के लिए बड़ा सपोर्ट माना जा रहा है।

Ventura के मुताबिक, 30-32 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ Suzlon इस ग्रोथ से फायदा उठाने की अच्छी स्थिति में है। साथ ही, कंपनी को Q2 FY26 के बाद 14,000 करोड़ रुपये के मुनाफे तक टैक्स नहीं देना पड़ेगा। क्योंकि उसकी 1,229 करोड़ रुपये की डिफर्ड टैक्स एसेट भविष्य की टैक्स देनदारियों को ऑफसेट करेगी।

Suzlon के लिए टारगेट प्राइस कितना है?

Ventura का अनुमान है कि FY25 से FY28 के बीच Suzlon का रेवेन्यू करीब 34 प्रतिशत CAGR से बढ़कर 25,987 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसी अवधि में नेट वॉल्यूम भी 34 प्रतिशत CAGR से बढ़कर 3,690 MW होने की उम्मीद है।

इन आंकड़ों के आधार पर Ventura ने Suzlon पर ‘Hold’ रेटिंग दी है। इसने 56 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है।

सुजलॉन में कौन से जोखिम बने हुए हैं

Ventura के मुताबिक, सुजलॉन के सामने कई ऐसे जोखिम हैं जो आगे चलकर कंपनी के ऑर्डर और कमाई को प्रभावित कर सकते हैं। विंड एनर्जी सेक्टर में तेज प्राइस कॉम्पिटीशन की वजह से नए प्रोजेक्ट पाने के लिए कंपनियों को कम दाम पर बोली लगानी पड़ती है। इससे मुनाफे पर दबाव आता है।

वहीं, लंबे टेंडर साइकिल के कारण ऑर्डर फाइनल होने में काफी समय लग जाता है। प्रोजेक्ट्स के एक्जीक्यूशन में देरी, सप्लाई चेन, परमिशन या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी दिक्कतें भी कैश फ्लो को प्रभावित कर सकती हैं।

शेयर का हाल और टेक्निकल संकेत

Suzlon Energy का मंगलवार को 0.17% की मामूली बढ़त के साथ 53.60 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप करीब 73.50 करोड़ रुपये है। हालांकि, यह शेयर अब भी अपने 52-वीक हाई से करीब 30 प्रतिशत नीचे है, जो कि 74.30 रुपये है।

टेक्निकल मोर्चे पर Mirae Asset ShareKhan के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट Kunal Shah का कहना है कि स्टॉक अभी भी साफ डाउनट्रेंड में है। डेली चार्ट पर लोअर टॉप और लोअर बॉटम बन रहे हैं और शेयर अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। उनके मुताबिक 60 रुपये का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है और किसी भी तेजी को एग्जिट या पोजिशन हल्की करने का मौका मानना चाहिए।

बाकी ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं

हालांकि, सभी ब्रोकरेज सतर्क नहीं हैं। Anand Rathi Share & Stock Brokers, ICICI Securities, Motilal Oswal Financial Services और JM Financial ने Suzlon पर Buy रेटिंग देते हुए क्रमशः 82 रुपये, 76 रुपये, 74 रुपये और 70 रुपये के टारगेट दिए हैं। वहीं Nuvama Institutional Equities ने 60 रुपये के टारगेट के साथ Hold की राय बरकरार रखी है।

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