Suzlon Energy Shares: दिग्गज रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Suzlon Energy के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है। सोमवार के कारोबार के दौरान यह 43.85 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर तक फिसल गया। आखिर में शेयर 0.43 प्रतिशत गिरकर 44.24 रुपये पर बंद हुआ। कुल मार्केट कैप अब करीब 60,000 करोड़ रुपये के आसपास रह गया है, जबकि बाजार में ओवरऑल तेजी देखने को मिली थी।
हाई से अब तक 40 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट
मई 2025 में सुजलॉन के शेयर ने 74.30 रुपये का 52 हफ्ते का उच्च स्तर बनाया था। वहां से अब तक यह 40 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। साल 2026 में अब तक 16 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जबकि पिछले छह महीनों में शेयर 23 प्रतिशत गिरा है। यानी गिरावट का दबाव लगातार बना हुआ है।
तिमाही नतीजे मजबूत, फिर भी शेयर दबाव में
दिसंबर 2025 तिमाही में सुजलॉन ने अच्छा प्रदर्शन किया। शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर 445.2 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 42.4 प्रतिशत बढ़कर 4,228.1 करोड़ रुपये पहुंचा। EBITDA 48 प्रतिशत बढ़कर 730.5 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 70 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 17.3 प्रतिशत हो गया। बावजूद इसके शेयर में मजबूती नहीं दिखी।
टेक्निकल तस्वीर अब भी कमजोर
टेक्निकल एनालिस्ट्स की सुजलॉन एनर्जी पर राय मिली जुली है, लेकिन ज्यादातर संकेत अभी भी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं। शेयर लगातार लोअर लो और लोअर हाई पैटर्न बना रहा है, जो डाउनट्रेंड का संकेत है। यह अपने अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे दबाव की स्थिति बनी हुई है।
42 से 48 रुपये के बीच रह सकता है दायरा
Anand Rathi के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट जिगर एस पटेल के मुताबिक, फिलहाल शेयर 42 से 48 रुपये के बीच रह सकता है। 42 रुपये पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 46.5 रुपये पर रेजिस्टेंस है। अगर शेयर 46.5 रुपये के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो 48 रुपये तक की तेजी आ सकती है।
SBI Securities के टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि MACD जीरो लाइन के नीचे है और DI−, DI+ से ऊपर है, जो बेयरिश रुख दिखाता है। 46.5 से 47 रुपये का 20 दिन का EMA जोन मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक शेयर इस स्तर के नीचे है, तब तक किसी भी उछाल पर बिकवाली का दबाव आ सकता है।
सुजल़न पर ब्रोकरेज की सलाह
घरेलू ब्रोकरेज Nuvama का कहना है कि Suzlon की प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन क्षमता अभी भी Right of Way (RoW), जमीन की उपलब्धता और पावर इवैक्युएशन से जुड़ी चुनौतियों से सीमित है। इसके अलावा, कंपनी की सप्लाई क्षमता की तुलना में ऑफटेक 15-20 प्रतिशत कम बना हुआ है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और 55 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 25% की तेजी दिखाता है।
जेएम फाइनेंशियल ने वित्त वर्ष 2028 के ईपीएस के 25 गुना के आधार पर ₹64 के लक्ष्य मूल्य के साथ अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी। यह 45% के संभावित अपसाइड का संकेत है।
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