पिछले कुछ महीनों में दलाल स्ट्रीट पर जिन शेयरों ने सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया है, उनमें से एक सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) भी है। BSE के मुताबिक, केवल एक सप्ताह में शेयर में 13 प्रतिशत और एक महीने में 22 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं पिछले तीन महीनों में सुजलॉन एनर्जी के स्टॉक ने 65 प्रतिशत की वृद्धि देखी है और 6 माह के अंदर यह इसने 257 प्रतिशत का अच्छी बढ़त हासिल की है। सुजलॉन एनर्जी के शेयर में आए इस तगड़े उछाल को देखते हुए एक्सपर्ट का अनुमान इसे लेकर पॉजिटिव है। LKP Securities में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने सुजलॉन एनर्जी को 'बाई' कैटेगरी में रखा है और टार्गेट प्राइस 30-32 रुपये दिया है।
रूपक डे के मुताबिक, शेयर महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) एक बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है और लगातार बढ़ रहा है। लोअर एंड पर सपोर्ट 27 रुपये पर है, जबकि हाई एंड पर 30-32 रुपये के बीच रेजिस्टेंस देखा गया है। पिछले एक साल में शेयर करीब 283 प्रतिशत और दो साल में 363 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है।
शुक्रवार 6 अक्टूबर को सुजलॉन एनर्जी के शेयर ने BSE पर 29.82 रुपये का मार्क छुआ, जो कि इसका 52 सप्ताह का उच्च स्तर है। बाद में शेयर 29.14 रुपये पर सेटल होकर बंद हुआ। 13 अक्टूबर 2022 को शेयर 52 सप्ताह के लो 6.60 रुपये पर था। इस स्तर से शेयर अब तक 341 प्रतिशत से ज्यादा उछल चुका है। कंपनी का मार्केट कैप BSE के मुताबिक इस वक्त 39,553.55 करोड़ रुपये है। यह शेयर अपने 8 साल के हाई को भी क्रॉस कर गया है। सुजलॉन एनर्जी, विंड एनर्जी सेक्टर की एक दिग्गज कंपनी है। इसे तुलसी तांती (Tulsi Tanti) ने शुरू किया था। साल 2022 में वह इस दुनिया को अलविदा कह गए। तांती को 'विंड मैन ऑफ इंडिया' (Wind Man of India) के नाम से भी जाना जाता है।
दिलीप सांघवी ने खत्म किया शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट
हाल ही में सन फार्मा के प्रमोटर दिलीप सांघवी और उनके एसोसिएट्स ने सुजलॉन एनर्जी के साथ अपने शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट को खत्म करने का फैसला किया था। सांघवी ने यह भी कहा था कि वह और उनकी कंपनियां सुजलॉन में आगे भी अपना निवेश बनाए रखेंगे। जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, दिलीप सांघवी के परिवार के सदस्यों और उनकी कंपनियों के पास सुजलॉन एनर्जी में कम से कम 7.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।