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Swiggy का शेयर 7% लुढ़का, Q3 में घाटा बढ़ने से बिकवाली; IPO प्राइस से भी आया नीचे

Swiggy Share Price: एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ते कॉम्पिटीशन और डार्क स्टोर्स में तेज विस्तार से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। अगली तिमाही में भी ये चुनौतियां बनी रहेंगी। दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी के खर्च सालाना आधार पर बढ़कर 4,898.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गए

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 06, 2025 पर 4:39 PM
Swiggy का शेयर 7% लुढ़का, Q3 में घाटा बढ़ने से बिकवाली; IPO प्राइस से भी आया नीचे
Swiggy की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 12,165 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

Swiggy Stock Price: फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी के शेयरों में 6 फरवरी को 7 प्रतिशत की गिरावट दिखी। बीएसई पर कीमत दिन में 386.40 रुपये के लो तक गई और बाद में 388.90 रुपये पर सेटल हुई। शेयर की कीमत IPO प्राइस 390 रुपये से भी नीचे चली गई है। 13 नवंबर 2024 को शेयर BSE पर 412 रुपये और NSE पर 420 रुपये पर लिस्ट हुआ था। भारी बिकवाली की वजह है कि अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा और बढ़कर 799.08 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 574.38 करोड़ रुपये था।

कंपनी का EBITDA लॉस भी बढ़ गया है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू एक साल पहले के मुकाबले 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3,993.06 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2023 तिमाही में यह 3,048.69 करोड़ रुपये था। क्विक कॉमर्स कारोबार से रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया, लेकिन यूनिट घाटे में रही।

कंपनी के मार्जिन पर दबाव 

एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ते कॉम्पिटीशन और डार्क स्टोर्स में तेज विस्तार से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगली तिमाही में भी ये चुनौतियां बनी रहेंगी। कुछ एनालिस्ट्स ने स्विगी के शेयर के लिए टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने स्विगी के शेयर के लिए टारगेट प्राइस को ₹635 से घटाकर ₹575 प्रति शेयर कर दिया है। लेकिन "आउटपरफॉर्म" रेटिंग को बरकरार रखा है। बर्नस्टीन ने कहा कि क्विक कॉमर्स सेगमेंट पर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल का असर पड़ा, जिससे मार्केटिंग लागत बढ़ी और डार्क स्टोर की लागत में भी बढ़ोतरी हुई।

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