टाटा समूह की कई कंपनियों के शेयरों में 29 सितंबर को गिरावट दिखी। इसकी वजह टाटा ट्रस्ट्स का एक नया प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव टाटा संस से जुड़ा है, जिसका मकसद इस कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग को टालना है। खासकर उन कंपनियों के शेयरों में गिरावट दिखी, जिन्हें टाटा संस की लिस्टिंग से फायदा हो सकता है। इनमें टाटा केमिकल्स, टाटा मोटर्स पीवी और टाटा इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन शामिल हैं।
टाटा केमिकल्स सबसे ज्यादा गिरा
Tata Chemicals, Tata Motors PV और Tata Investment Corporation के शेयर एक समय 3-4 फीसदी तक गिर गए थे। बाद में इनमें गिरावट थोड़ी कम हुई। टाटा केमिकल्स का शेयर 12 बजे 2.35 फीसदी गिरकर 626.35 रुपये पर चल रहा था। टाटा मोटर्स पीवी का शेयर 0.50 फीसदी गिरकर 280.30 रुपये पर चल रहा था। टाटा इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन का शेयर 2.19 फीसदी टूटकर 630.30 रुपये पर चल रहा था।
टाटा ट्रस्ट्स ने 28 सितंबर को पेश किया प्रस्ताव
टाटा ट्रस्ट्स ने 28 सितंबर की शाम यह प्रस्ताव पेश किया। इसमें टाटा संस में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के विलय (mergers) का प्रस्ताव है। यह पूरा मामला Tata Sons की प्रस्तावित लिस्टिंग से जुड़ा है। टाटा संस टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है। इसका दर्जा अभी कोर इनवेस्टमेंट कंपनी का है। आरबीआई के नियम के मुताबिक, इस वजह से इसे खुद को शेयर बाजार पर लिस्ट कराना होगा।
टाटा ट्रस्ट्स नहीं चाहते टाटा संस की लिस्टिंग
टाटा ट्रस्ट्स टाटां संस को शेयर बाजारों पर लिस्ट नहीं कराना चाहते हैं। इसके लिए उसने एनबीएफसी का अपना लाइसेंस सरेंडर करने की इजाजत आरबीआई से मांगी थी। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने कंपनी का प्रस्ताव ठुकरा दिया। अब टाटा ट्रस्ट्स टाटा संस की एनएफसी और कोर इनवेस्टमेंट कंपनी का दर्जा खत्म कर देना चाहते हैं। इसके लिए ट्रस्ट्स ने टाटा संस के ऑपेरटिंग और एसेट प्रोफाइल में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है।
टाटा संस में कुछ और बिजनेसेज का हो सकता है विलय
चूंकि, Tata Electronics और Tata Consulting Engineers टाटा संस की 100 फीसदी सब्सिडियरी है, जिससे टाटा संस में इन दोनों कंपनियों के विलय से टाटा संस को किसी बाहरी शेयरहोल्डर को शेयर इश्यू नहीं करने होंगे। टाटा ट्रस्ट्स का प्लान टाटा संस में कुछ और ऑपरेटिंग बिजनेसेज के विलय का है।
नए प्रस्ताव का भविष्य आरबीआई के फैसले पर निर्भर
Tata Trusts ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि टाटा संस को लेकर उसने जो प्लान पेश किया है, वह टाटा ग्रुप और इसके शेयहोल्डर्स दोनों के हित में है। इस बीच, IiAS के हेतल दलाल ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा कि टाटा ट्रस्ट्स के इस प्लान का भविष्य आरबीआई के फैसले पर निर्भर करता है। यह प्रस्ताव तभी लागू हो सकता है, जब टाटा ट्रस्ट्स के सभी मेंबर्स का समर्थन भी इसे हासिल होगा।
वेणु श्रीनिवासन के रुख पर होंगी नजरें
दलाल ने यह भी कहा कि यह देखना होगा कि टाटा संस के बोर्ड के मेंबर वेणु श्रीनिवासन का समर्थन इस प्रस्ताव को मिलता है या नहीं। श्रीनिवासन टाटा संस की शेयर बाजारों में प्रस्तावित लिस्टिंग के समर्थन में रहे हैं। इस बीच, टाटा ट्रस्ट्स के नए प्रस्ताव का असर समूह की कुछ कंपनियों पर दिख रहा है।