शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। 29 सितंबर को लगातार दूसरे दिन बाजार पर दबाव दिखा। कमजोर बाजार में भी कुछ शेयरों में दम दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने इटरनल के शेयरों पर अपनी 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है। यह जोमैटो और ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी है। 29 सितंबर को 11:15 बजे यह शेयर 0.94 फीसदी गिरकर 327.85 रुपये पर चल रहा था।
गोल्डमैन सैक्स ने शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाया
गोल्डमैन सैक्स ने इटरनल के शेयरों का टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर 385 रुपये कर दिया है। 28 सितंबर को शेयर 331.25 रुपये पर बंद हुआ था। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट प्राइस से करीब 16 फीसदी चढ़ सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने इटरनल के शेयरों में संभावित तेजी के पीछे तीन वजहें बताई हैं।
कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने के दिख रहे संकेत
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि Eternal FY29 तक 1 अरब डॉलर के अपने EBITDA गाइंडेंस की तरफ बढ़ रही है। इससे आगे इस शेयर की रीरेटिंग हो सकती है। दूसरा, कई तिमाहियों तक इटरनल की बाजार हिस्सेदारी स्थिर बनी हुई थी। अब कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं। कंपनी के मार्जिन में भी इम्प्रूवमेंट की उम्मीद है।
नए बिजनेसेज से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि ब्लिंकिट की अच्छी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। अगर अगले तीन सालों में नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) के मामले में ब्लिंकिट का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 60 फीसदी गाइडेंस के मुताबिक रहता है तो इसका कंपनी के शेयर पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। इटरनल को गोइंग-आउट जैसे नए बिजनेसेज का भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
बर्नस्टीन ने भी शेयर को अपने इंडिया पोर्टफोलियो में किया शामिल
विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने भी अपने मॉडल इंडिया पोर्टफोलियो में पिछले महीने इटरनल को शामिल किया था। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि कंपनी ने ऐसे वक्त अच्छी प्रतिस्पर्धी क्षमता दिखाई है, जब कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना मुश्किल हो गया है। इटरनल के शेयरों को कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से 31 की इस पर 'buy' रेटिंग है। तीन ने इसे 'बेचने' की सलाह दी है। इटरनल का शेयर इस साल 15 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।
29 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव
29 सितंबर को शेयर बाजार पर दबाव दिखा। 11:30 बजे निफ्टी 0.44 फीसदी यानी 98 अंक गिरकर 22,681 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.47 फीसदी यानी 340 अंक की कमजोरी के साथ 72,436 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। 28 सितंबर को भी शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी।
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