टाटा संस के बोर्ड ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 5 साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव के पक्ष में बोर्ड के ज्यादातर सदस्यों ने वोट दिया। इसका असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा।
टाटा केमिकल्स के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए। सबसे ज्यादा तेजी Tata Chemicals के शेयरों में आई। यह एक समय 13 फीसदी तक उछल गया था। हालांकि, थोड़ी देर बाद तेजी सुस्त पड़ गई। यह 5.86 फीसदी चढ़कर 774.65 रुपये पर बंद हुआ। बीते तीन कारोबारी सत्रों में टाटा केमिकल्स के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।
टाटा मोटर्स पीवी के शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार
TCS का शेयर 0.21 फीसदी चढ़कर 2,193.50 रुपये पर बंद हुआ। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का शेयर 4.49 फीसदी के उछाल के साथ 314.50 रुपये पर बंद हुआ। टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स का शेयर 2.79 फीसदी चढ़कर 436.10 रुपये पर बंद हुआ।
टाटा पावर का शेयर 2 फीसदी से ज्यादा उछला
Tata Steel का शेयर 2.27 फीसदी चढ़कर 187.15 रुपये पर क्लोज हुआ। टाटा कैपिटल के शेयरों में ज्यादा तेजी नहीं दिखी। यह सिर्फ 0.13 फीसदी चढ़कर 343.95 रुपये पर क्लोज हुआ। हालांकि, टाटा कंज्यूमर के शेयरों में अच्छी तेजी दिखी। यह 1.39 फीसदी चढ़कर 1,014 रुपये पर क्लोज हुआ। टाटा टेक्नोलॉजीज का शेयर 1.15 फीसदी चढ़कर 757 रुपये पर क्लोज हुआ। टाटा पावर का शेयर 2.19 फीसदी चढ़कर 368.30 रुपये पर बंद हुआ।
टाटा संस की लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म
एक्सपर्ट्स का कहना है कि टाटा समूह की कंपनियों में शेयरों में तेजी की वजह यह है कि अब टाटा संस की लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है। इस साल 12 अगस्त को एन चंद्रशेखरन ने बड़ा एलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह तीसरी बार टाटा संस का चेयरमैन पद पर अपनी नियुक्ति नहीं चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा था कि वह अगले साल 20 फरवरी तक अपना कार्यकाल खत्म होने तक अपने पद पर बने रहेंगे।
टाटा संस को शेयर बाजार में खुद को लिस्ट कराना होगा
टाटा संस टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। हाल में आरबीआई ने एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर करने के टाटा संस के अप्लिकेशन को खारिज कर दिया। असल में टाटा संस का रजिस्ट्रेशन एक एनबीएफसी कंपनी के रूप में है। चूंकि यह अपर लेयर एनबीएफसी है, जिससे इसे तीन साल के अंदर लिस्टिंग के नियमों का पालन करना जरूरी है।
RBI से अप्लिकेशन खारिज होने के बाद टाटा संस के पास विकल्प नहीं
टाटा संस खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट नहीं कराना चाहती है। इसलिए उसने अपना एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर करने का अप्लिकेशन आरबीआई को भेजा था। लेकिन, इसके खारिज हो जाने के बाद टाटा संस को खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट कराना होगा।