Tata Group News: टाटा समूह से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। एन चंद्रशेखरन अगले 5 साल तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। टाटा संस के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 17 सितंबर यानी आज टाटा संस के बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है।
सिर्फ नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोटिंग की
टाटा संस की बोर्ड की बैठक में एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। सिर्फ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मत दिया। टाटा संस के बोर्ड की बैठक में कंपनी की शेयर बाजारों में लिस्टिंग पर भी विचार हुआ। हालांकि, इस मसले पर कोई फैसला नहीं हो सका। सीएनबीसी-टीवी18 ने अपनी रिपोर्ट में यह बताया है।
एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को किया था बड़ा एलान
यह ध्यान में रखना जरूरी है कि एन चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को ऐलान किया था कि वह तीसरी बार टाटा संस के चेयरमैन पद पर पुनर्नियुक्ति नहीं चाहेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा था कि वह 20 फरवरी, 2027 तक अपना कार्यकाल पूरा होने तक टाटा संस का चेयरमैन बने रहेंगे। उनके इस ऐलान का असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा था।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में उछाल
एन चंद्रशेखरन को एक्सटेंशन मिलने का असर टाटा समूह की कंपनियों पर दिखा। टीसीएस का शेयर 0.21 फीसदी चढ़कर 2,193.50 रुपये पर पहुंच गया। Tata Motors PV के शेयर में 4.57 फीसदी का उछाल आया। इससे शेयर की कीमत 314.75 रुपये पर पहुंच गई। टाटा मोटर्स सीवी का शेयर भी 2.78 फीसदी चढ़कर 436 रुपये पर पहुंच गया। Tata Chemicals का शेयर तो 5.83 फीसदी के उछाल के साथ 774.50 रुपये पर पहुंच गया।
नोएल टाटा टाटा संस की लीडरशिप में बदलाव के पक्ष में
मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन और टाटा संस के डायरेक्टर नोएल टाटा एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाने के प्रस्ताव के खिलाफ थे। उन्होंने इस साल फरवरी में बोर्ड की हुई बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध तक किया था। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि नोएल टाटा Tata Sons की लीडरशिप में बदलाव के पक्ष में रहे हैं।
मैनेजमेंट को लेकर आखिरी फैसला मैज्योरिटी शेयरहोल्डर्स के हाथ में
टाटा ट्रस्ट्स की कुल मिलाकर टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सहित टॉप लीडरशिप के बारे में आखिरी फैसला शेयरहोल्डर्स को करना होगा। टाटा संस की मैज्योरिटी शेयरहोल्डिंग टाटा ट्रस्ट्स के पास है, जिसके चेयरमैन नोएल टाटा हैं।