Tata Motors CV ने इंडोनेशिया ऑर्डर रोके जाने की खबरों पर दी सफाई; जानिए कंपनी ने क्या कहा
Tata Motors CV Shares: टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स ने इंडोनेशिया में मिले एक उसके सबसे बड़े ऑर्डर को रोके जाने की मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने सोमवार 2 मार्च को शेयर बाजार को जानकारी दी कि इंडोनेशिया में उसके ऑर्डर रोके जाने की खबरों का उसके वित्तीय प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा
Tata Motors CV Shares: कंपनी के शेयर सोमवार को 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 498 रुपये पर बंद हुए
Tata Motors CV Shares: टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स ने इंडोनेशिया में मिले एक उसके सबसे बड़े ऑर्डर को रोके जाने की मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने सोमवार 2 मार्च को शेयर बाजार को जानकारी दी कि इंडोनेशिया में उसके ऑर्डर रोके जाने की खबरों का उसके वित्तीय प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उसने इंडोनेशिया स्थित अपनी सहयोगी इकाई से स्थिति की जानकारी ली है। वहां की मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स, जिन्हें भारत में भी दोहराया गया, दरअसल आयात और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी घरेलू पॉलिसी पर चर्चा को लेकर हैं। इनका संबंध कंपनी को मिले ऑर्डर की मांग या उसके एग्जिक्यूशन जोखिम से नहीं है।
कंपनी ने फाइलिंग में कहा, "हमें जो ऑर्डर और एडवांस मिला है, वह प्रोग्राम पर आधारित है और हमारा इरादा जल्द ही सप्लाई शुरू करने और अपने कमिटमेंट के मुताबिक धीरे-धीरे डिलीवरी पूरी करने का है।"
70,000 वाहनों की डिलीवरी का समझौता
टाटा मोटर्स CV ने बीते 10 फरवरी को बताया था कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, PT टाटा मोटर्स डिस्ट्रीब्यूशन इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया में 70,000 गाड़ियों की सप्लाई के लिए एक एग्रीमेंट किया है।
इसके तहत कंपनी के दो मॉडल- योद्धा पिक-अप और अल्ट्रा T.7 ट्रक की सप्लाई की जाएगी। दोनों मॉडल की 35,000-35,000 गाड़ियां सप्लाई की जाएगी। इन वाहनों को इंडोनेशिया की सरकारी कंपनी PT एग्रीनास पंगन नुसंतारा को डिलीवर किया जाएगा। यह कंपनी खेती की सप्लाई चेन को मॉडर्न बनाने और फ़ूड सिक्योरिटी की कोशिशों को आगे बढ़ाने पर फोकस करती है।
हालांकि, इस सौदे से जुड़े वित्तीय पहलुओं का खुलासा न तो 10 फरवरी की फाइलिंग में किया गया था और न ही 2 मार्च के स्पष्टीकरण में।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के बाद उठे सवाल
ब्लूमबर्ग ने 27 फरवरी को एक रिपोर्ट में बताया था कि इंडोनेशिया ने कुछ पॉलिसी मेकर्स के विरोध के बाद टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को दिए गए 1,05,000 ट्रकों का ऑर्डर रोक दिया है।
रिपोर्ट में इंडोनेशिया के कोऑपरेटिव मिनिस्टर फेरी जूलियंटोनो के एक लोकल टीवी को दिए इंटरव्यू का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विवाद से बचने के लिए ऑर्डर को फिलहाल रोकना “सही कदम” है और समय आने पर मिलकर इसका समाधान निकाला जाएगा।
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने भी अपनी ओर से बयान जारी कर कहा था कि 35,000 स्कॉर्पियो पिक-अप्स वाहनों का यह ऑर्डर कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा निर्यात ऑर्डर होता।
इस घटनाक्रम के बीच, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स के शेयर सोमवार को 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 498 रुपये पर बंद हुए।
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