US-Iran War Effect: शुक्रवार की भारी बिकवाली के बाद सोमवार को निवेशकों ने गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर भुनाया। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के चलते अमेरिकी स्टॉक मार्केट में मचा हाहाकार सोमवार को कुछ फीका पड़ा। डाऊ जोन्स सिर्फ 70 प्वाइंट्स की गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि इंट्रा-डे के निचले स्तर पर इसमें 600 से अधिक अंकों की गिरावट थी। एसएंडपी 500 (S&P500) भी रिकवर होकर ग्रीन जोन में 0.04% की बढ़त के साथ तो नैस्डैक (Nasdaq) 0.41% के उछाल के साथ बंद हुआ।
एसएंडपी 500 के 11 में सिर्फ चार ही सेक्टर ग्रीन रहे लेकिन ये सभी काफी अहम सेक्टर हैं जैसे कि एनर्जी, टेक, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल्स। इसके चलते एसएंडपी 500 लगभग फ्लैट ग्रीन जोन में बंद होने में सफल रहा। सोमवार को अमेरिकी मार्केट में डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में भी उम्मीद के मुताबिक खरीदारी दिखी। नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन (Northrop Grumman) के शेयरों में 6% और लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) के शेयरों में 3% की तेजी आई। एक्सॉनमोबिल और शेवरॉन जैसी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दिखी।
इन तीन वजहों से अमेरिकी मार्केट में रिकवरी
रॉकेट की स्पीड से ऊपर चढ़ने के बाद कच्चा तेल नरम पड़ा जिसने मार्केट सेंटिमेंट बेहतर किया। ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल $80 के पार जाने के बाद फिसल गया और $77 के करीब बंद हुआ है। इसने माहौल थोड़ा पॉजिटिव बना दिया और यह उम्मीद बंधी कि जब विवाद खत्म होगा तो कच्चे तेल नीचे आएगा।
टेक शेयरों का परफॉरमेंस बेहतर दिखा और एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट जैसी सेक्टर लीडर कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते नैस्डैक को सपोर्ट मिला और यह ऊपर आया। इन टेक कंपनियों के पास काफी पैसा है जिसके चलते ये युद्ध के झटके को झेल सकती हैं और इस कारण ये रक्षात्मक निवेश के रूप में काम कर सकती हैं।
तीसरी और अहम वजह ये है कि ऐतिहासिक तौर पर इस प्रकार के जियोपॉलिटिकल इवेंट्स खरीदारी का मौका बनाते हैं और माहौल बेहतर होने पर तेजी से आगे बढ़ते हैं। इस कारण मौजूदा गिरावट में निवेशकों को मौका दिखा। वेल्स फार्गो के आंकड़ों के मुताबिक किसी बड़े युद्ध के दो हफ्ते के भीतर एसएंडपी 500 सूचकांक पॉजिटिव हो जाता है और तीन महीने बाद औसतन 1% चढ़ जाता है।
क्या कहना है एक्सपर्ट का?
केकेएम फाइनेंशियल के सीईओ जेफ किलबर्ग ने रविवार की रात को ही कह दिया था कि सोमवार को बाजार बंद होने से पहले तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि ईरान से लड़ाई को लेकर फ्यूचर्स मार्केट ने जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दी, जिससे एसएंडपी 500 में खरीदने का मौका मिला क्योंकि यह 2026 के अपने निचले स्तर के करीब था। उन्होंने कहा कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने के बावजूद बुल मार्केट बना हुआ है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।