Vijay Kedia Stocks: दिग्गज निवेशक विजय केडिया लंबे समय से ऐसे कारोबारों पर दांव लगाते रहे हैं, जिनमें भविष्य में बड़ी ग्रोथ की संभावना हो। मार्च 2026 तिमाही की शेयरहोल्डिंग से पता चलता है कि उन्होंने दो नई कंपनियों में निवेश किया है।
Vijay Kedia Stocks: दिग्गज निवेशक विजय केडिया लंबे समय से ऐसे कारोबारों पर दांव लगाते रहे हैं, जिनमें भविष्य में बड़ी ग्रोथ की संभावना हो। मार्च 2026 तिमाही की शेयरहोल्डिंग से पता चलता है कि उन्होंने दो नई कंपनियों में निवेश किया है।
इनमें एक सोलर सेक्टर से जुड़ी है, जबकि दूसरी कृषि और क्रॉप प्रोटेक्शन कारोबार में काम करती है। खास बात यह है कि इनमें से एक कंपनी SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड है, जहां जोखिम और अवसर दोनों अलग होते हैं।
Websol Energy
पश्चिम बंगाल की Websol Energy सोलर सेल और मॉड्यूल बनाती है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार वापसी की है और विजय केडिया ने इसमें 1% हिस्सेदारी खरीदी है। मौजूदा कीमतों पर इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 49 करोड़ रुपये बैठती है।
कंपनी के आंकड़े भी इस बदलाव की कहानी बताते हैं। FY26 में बिक्री पहली बार 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। मुनाफा 303 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी काफी मजबूत है। मार्च 2026 के अंत तक कंपनी के पास 1,161 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था।
हालांकि कुछ जोखिम भी हैं। FY24 तक कंपनी घाटे में थी और मौजूदा उछाल काफी हद तक नई क्षमता बढ़ाने के बाद आया है। इसके अलावा प्रमोटर हिस्सेदारी 30% से कम है और उसमें से 89% हिस्सेदारी गिरवी रखी गई है।
Mahamaya Lifesciences
विजय केडिया की दूसरी पसंद Mahamaya Lifesciences है। यह कंपनी क्रॉप प्रोटेक्शन और फसल प्रबंधन से जुड़े उत्पाद बनाती है। कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 381 करोड़ रुपये है और केडिया ने इसमें 4.5% हिस्सेदारी खरीदी है, जिसकी मौजूदा वैल्यू 17 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
Mahamaya BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड है। ऐसे शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम आमतौर पर कम होता है, एंट्री टिकट बड़ा होता है। निवेशकों को मेन बोर्ड की तुलना में कम जानकारी मिलती है। ऐसे में कीमतें तेजी से ऊपर या नीचे जा सकती हैं।
Mahamaya Lifesciences की बिक्री FY22 के 90 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 329 करोड़ रुपये हो गई। इसी दौरान कंपनी का मुनाफा 3 करोड़ रुपये से बढ़कर 17 करोड़ रुपये पहुंच गया। ऑपरेटिंग मार्जिन भी लगातार बेहतर हुआ है।
हालांकि एक चिंता की बात भी है। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में 30 करोड़ रुपये निगेटिव रहा। यानी कंपनी कागज पर मुनाफा दिखा रही है, लेकिन कारोबार में काफी पैसा फंसा हुआ है। छोटे कारोबारों में यह एक ऐसा संकेत होता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या सीख?
मार्च 2026 की शेयरहोल्डिंग यह दिखाती है कि विजय केडिया अब भी ऐसे छोटे कारोबारों की तलाश में हैं, जिन्हें भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ का फायदा मिल सकता है।
लेकिन सिर्फ किसी बड़े निवेशक की खरीदारी देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं है। बेहतर यह होगा कि निवेशक इन कंपनियों को अपनी वॉचलिस्ट में रखें और उनके कारोबार, ऑर्डर बुक, मुनाफे और कैश फ्लो पर लगातार नजर बनाए रखें।
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